
बाज़ार में सतर्क आशावाद बना हुआ है। ट्रेडर Fed की ओर से आगे ब्याज दरें बढ़ाए जाने की कम होती संभावना का स्वागत कर रहे हैं। साथ ही, जापान और अमेरिका के साथ चीन के कूटनीतिक संबंधों को लेकर भी आशावाद है। हालांकि, इस सप्ताह अब तक जारी अमेरिका के महंगाई और रोज़गार से जुड़े निराशाजनक आंकड़ों ने ट्रेडरों को Greenback से दूर किया है और कमोडिटीज़ तथा Antipodeans को सहारा दिया है।
इस बीच, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहा है, जबकि सोने की कीमत चार सप्ताह में सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। ध्यान देने वाली बात है कि कमजोर अमेरिकी डॉलर से कच्चे तेल की कीमतों को सहारा नहीं मिला। इसकी वजह पश्चिमी देशों से ऊर्जा की मांग घटने की आशंका और ज़रूरत पड़ने पर सप्लाई कटौती में ढील देने की OPEC+ की तैयारी है।
दूसरी ओर, निराशाजनक UK Retail Sales के चलते GBPUSD दिन के दौरान दबाव में बना हुआ है, हालांकि यह साप्ताहिक बढ़त दर्ज कर रहा है। वहीं, ECB President Lagarde के भाषण से पहले EURUSD में तेजी के पक्षधर ट्रेडर थोड़ा विराम ले रहे हैं।
ध्यान देने वाली बात है कि BTCUSD और ETHUSD पांच सप्ताह में पहली साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि सप्ताह की शुरुआत में दोनों ने कई महीनों का नया उच्च स्तर छुआ था। ऐसा इसलिए है क्योंकि ट्रेडर Spot ETF की मंज़ूरी और उद्योग की गतिविधियों को लेकर आशावाद का फिर से आकलन कर रहे हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) न केवल पिछले हफ़्ते की बढ़त को पलट चुका है, बल्कि तीन महीनों के सबसे निचले स्तर पर भी दबाव में बना हुआ है। इसकी वजह यह है कि हफ़्ते के दौरान प्रकाशित अमेरिका के ज़्यादातर आर्थिक आँकड़े फ़ेड के hawkish रुख वाले सदस्यों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की ओर बाज़ार की तेज़ी से हुई खरीदारी ने यील्ड को नीचे धकेला और USD पर गिरावट का दबाव डाला। इससे सोने की कीमत को बढ़ावा मिला, ख़ासकर ऐसे समय में जब चीन के अमेरिका और जापान के साथ संबंध बेहतर होने की संभावना है। इसके साथ ही, जापान और चीन से और प्रोत्साहन उपायों की उम्मीद और भारत के मज़बूत आर्थिक आँकड़े भी XAUUSD के बुल्स को बढ़त बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।
डेटा के अलावा, फ़ेडरल रिज़र्व (Fed) के अधिकारियों की मिली-जुली टिप्पणियों ने भी अमेरिकी डॉलर और यील्ड पर दबाव डाला, जिससे सोने की कीमत को बढ़ने का मौका मिला। इसके अलावा, बॉन्ड बाज़ार में हेरफेर के आरोपों ने भी ट्रेडर्स का रुख XAUUSD की ओर किया। हालांकि, क्लीवलैंड फ़ेड की अध्यक्ष लोरेटा मेस्टर ने कहा कि ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की ज़रूरत है या नहीं, यह अर्थव्यवस्था पर निर्भर करेगा। फ़ेड की मेस्टर ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आर्थिक विकास की रफ़्तार ट्रेंड से नीचे आ जाएगी। साथ ही, फ़ेड की गवर्नर लिसा कुक ने अर्थव्यवस्था के लिए दोनों तरफ़ के जोखिमों का ज़िक्र किया और सॉफ्ट लैंडिंग की उम्मीद भी जताई। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि फ़ेड के तीन अधिकारी फ़ेड की बैलेंस शीट में “काफ़ी बड़ी गिरावट” के पक्ष में हैं। इससे ब्याज दरें बढ़ाने की ज़रूरत कमज़ोर हुई और सख़्त नीतिगत रुख के समर्थकों को चुनौती मिली।
कुल मिलाकर, अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बीच बाजार का असमंजस सोने की कीमत को बढ़ावा दे रहा है।
यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) की अध्यक्ष क्रिस्टीन लैगार्ड के भाषण के साथ-साथ US के हाउसिंग डेटा और Fed के कुछ निचले स्तर के अधिकारियों के भाषण भी गोल्ड ट्रेडर्स को व्यस्त रखेंगे। ध्यान देने वाली बात है कि ECB अध्यक्ष लैगार्ड ने गुरुवार को कहा कि यूरोप की वित्तीय प्रणाली सबसे खराब स्थिति से बच गई है। इसके अलावा, ECB के नीति-निर्माता मारियो सेंटेनो ने गुरुवार को कहा कि ब्याज दरें शून्य पर वापस नहीं आएंगी, लेकिन आखिरकार नीचे आएंगी। ऐसे में, बाज़ार के प्रतिभागी अगले सप्ताह नवंबर के शुरुआती PMI और FOMC मिनट्स से पहले आने वाले डेटा में ऐसे और संकेत तलाशेंगे, जो आक्रामक मौद्रिक नीतियों के अंत और यील्ड में नरमी की पुष्टि कर सकें।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!