
शुक्रवार की शुरुआत में आर्थिक कैलेंडर हल्का रहने और कोई बड़ी खबर न होने के बीच ट्रेडर्स हफ्ते की रफ्तार को बनाए हुए हैं। इससे अमेरिकी डॉलर को महीने के निचले स्तर से पिछले दिन की रिकवरी को आगे बढ़ाने और प्रमुख करेंसीज़ व ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर की इस हफ्ते की बढ़त को चुनौती देने का मौका मिला। इसके अलावा, चीन को लेकर चिंताओं ने भी डॉलर को हफ्ते का कुछ नुकसान कम करने में मदद की।
इस बीच, EURUSD और GBPUSD ने अपने-अपने 8 हफ़्तों के उच्चतम स्तर से पिछले दिन की गिरावट को आगे बढ़ाया, जबकि USDJPY ने 2 हफ़्तों के निचले स्तर से आई रिकवरी को बनाए रखा। इसके अलावा, AUDUSD 4 महीनों के उच्चतम स्तर से नीचे आया, जबकि NZDUSD में पिछले दिन बने बेयरिश Doji के अनुरूप इंट्राडे गिरावट दर्ज हुई।
कनाडा की प्रमुख निर्यात वस्तु यानी कच्चे तेल में मामूली बढ़त से USDCAD को सहारा नहीं मिला। वहीं, गोल्ड में खरीदारी बढ़ी और कीमत ने एक महीने पुराने क्षैतिज रेज़िस्टेंस से गुरुवार को आई गिरावट को पलट दिया।
दूसरी ओर, CME की Bitcoin ट्रेडिंग शुरू करने की योजना को लेकर चर्चा के बीच BTCUSD महीने के उच्च स्तर से नीचे आने के बाद मामूली बढ़त दिखा रहा है। वहीं, स्पॉट ETH ETF को लेकर मिली-जुली ख़बरों के बीच ETHUSD में रिकवरी की रफ़्तार नहीं दिख रही।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



पिछले दिन US Dollar Index (DXY) ने लगातार चार दिनों में पहली बार दैनिक बढ़त दर्ज की। यह पाँच हफ़्तों के निचले स्तर से उछला और 100-SMA से भी उबर गया, जबकि अमेरिकी डेटा प्रभावशाली नहीं था। इसके बावजूद, शुक्रवार की शुरुआत में DXY में हल्की खरीदारी बनी हुई है, लेकिन यह अब भी साप्ताहिक गिरावट दर्ज करने की राह पर है। अब तक सुस्त ट्रेडिंग के बीच, छह प्रमुख करेंसीज़ के मुकाबले अमेरिकी डॉलर का माप यह सूचकांक Federal Reserve (Fed) अधिकारियों की सख़्त रुख़ वाली टिप्पणियों और चीन से आई जोखिम-नकारात्मक ख़बरों से सहारा पा रहा है।
गुरुवार को अमेरिका के बेरोज़गारी भत्तों के दावों, औद्योगिक उत्पादन और आवास संबंधी आंकड़े ज़्यादातर कमजोर रहे। हालांकि, Fed अधिकारियों ने दरों में कटौती का विरोध जारी रखा, जिससे DXY मासिक निचले स्तर से उबर गया। FOMC के प्रमुख अधिकारियों में, Atlanta Fed के अध्यक्ष Raphael Bostic, Cleveland Fed की अध्यक्ष Loretta Mester और Federal Reserve Bank of Richmond के अध्यक्ष Thomas Barkin का बयान खास तौर पर चर्चा में रहा। इन सभी ने बाजार की इस चिंता को खारिज किया कि अमेरिकी CPI में हालिया कमजोरी के कारण Fed 2024 में बार-बार दरों में कटौती करेगा।
दूसरी ओर, चीन ने औद्योगिक उत्पादन में अच्छी वृद्धि दर्ज की। लेकिन कमजोर हाउसिंग मार्केट और फिक्स्ड एसेट के निराशाजनक आँकड़ों के साथ खुदरा बिक्री की धीमी वृद्धि ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएँ फिर बढ़ा दीं। इससे कमोडिटी और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर के खरीदारों पर दबाव पड़ा, वहीं अमेरिकी डॉलर की रिकवरी को भी सहारा मिला।
Fed को लेकर चिंताओं और चीन की खबरों के कारण अमेरिकी डॉलर अपनी साप्ताहिक बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा बैठा। वहीं, यूरो में तेज़ी के पक्षधर ट्रेडर्स ने थोड़ी राहत ली, क्योंकि हाल ही में बयान देने वाले European Central Bank (ECB) के लगभग सभी अधिकारियों ने जून में ब्याज दरों में कटौती की पुष्टि की। हालांकि, ECB की कार्यकारी बोर्ड सदस्य Isabel Schnabel ने कहा कि जून में दरों में कटौती उचित हो सकती है, लेकिन इसके बाद का रास्ता कहीं ज़्यादा अनिश्चित है। इसी तरह, ECB गवर्निंग काउंसिल के सदस्य Martins Kazaks ने भी कहा, “पहली दर कटौती की संभावना जून में है, लेकिन उसके बाद कटौतियों के बीच अंतर रखा जाएगा।”
दूसरी ओर, बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) के अधिकारियों के बीच बाज़ार की दरों में कटौती की उम्मीदों का समर्थन करने को लेकर अनिश्चितता के कारण GBPUSD में गिरावट आई। Reuters के नवीनतम सर्वेक्षण के अनुसार, BoE जून में दरें घटाएगा या अगस्त में—इस पर अभी तस्वीर साफ़ नहीं है। इसके अलावा, BoE की नीति-निर्माता Megan Greene ने भी कहा कि महंगाई में लगातार कमी जारी रहने का सबूत देने की ज़िम्मेदारी अभी बाकी है।
ध्यान देने वाली बात है कि Bank of Japan (BoJ) के Kazuo Ueda ने उन बाज़ार अटकलों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि जापान का केंद्रीय बैंक येन को संभालने के लिए अपनी ETF होल्डिंग्स बेचने की योजना बना रहा है। हालांकि, इससे JPY को सहारा नहीं मिला। BoJ की ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर सवाल उठाने वाली व्यापक चिंताओं और एशिया की इस प्रमुख अर्थव्यवस्था से मिले-जुले आंकड़ों का दबाव बना हुआ है।
चीन से जुड़ी खबरों के दबाव में AUDUSD और NZDUSD हैं, जबकि चीन से ऊर्जा की मांग बढ़ने की उम्मीद के बीच कच्चे तेल में रिकवरी आई है। ड्रैगन नेशन से प्रोत्साहन में संभावित बढ़ोतरी के साथ-साथ OPEC+ द्वारा आगे आपूर्ति में कटौती की उम्मीदों से भी तेल को सहारा मिला। आगे, प्रमुख केंद्रीय बैंकों के अगले कदमों को लेकर अनिश्चितता और आम तौर पर कम यील्ड के चलते ट्रेडर पारंपरिक सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे गोल्ड की कीमत मज़बूत बनी हुई है।
शुक्रवार को आर्थिक कैलेंडर में बाज़ारों को ज़्यादा प्रभावित करने वाली कोई अहम घटना नहीं है। हालांकि, यूरोज़ोन के अप्रैल महंगाई आँकड़ों के अंतिम रीडिंग और फ़ेड के कई अधिकारियों के भाषण मोमेंटम ट्रेडर्स के लिए हलचल पैदा कर सकते हैं। रविवार को फ़ेड चेयर जेरोम पॉवेल की सार्वजनिक उपस्थिति पर भी कड़ी नज़र रखी जाएगी। जून में दर कटौती की चिंताओं को पीछे धकेलने के बावजूद, FOMC प्रमुख अमेरिकी डॉलर के तेज़ी के पक्षधर ट्रेडर्स को प्रभावित करने में नाकाम रहे थे।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!