
सोमवार की शुरुआत में कई कारकों से निवेशकों का आशावाद कमजोर हुआ और जोखिम लेने की चाह पर असर पड़ा। Donald Trump का कोलंबिया के साथ ट्रेड वॉर, चीन के निराशाजनक आर्थिक आंकड़े और रूस-यूक्रेन शांति वार्ता पर बढ़ते संदेह ने वैश्विक अनिश्चितता बढ़ाई। इसके अलावा, इस सप्ताह Federal Reserve (Fed), European Central Bank (ECB) और Bank of Canada (BoC) समेत प्रमुख केंद्रीय बैंकों के फैसलों से पहले सतर्कता बढ़ रही है। US, ऑस्ट्रेलिया और यूरोज़ोन से आने वाले अहम आंकड़े भी निवेशकों को सतर्क रख रहे हैं और जोखिम से बचने का सेंटीमेंट मजबूत कर रहे हैं।
हालांकि, शुक्रवार को जनवरी के कमजोर अमेरिकी S&P कंपोज़िट और सर्विसेज़ PMI के आंकड़ों ने अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) पर दबाव डाला। इसके चलते नवंबर 2023 के बाद इसकी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज हुई। यह गिरावट इस सप्ताह होने वाली FOMC बैठक और फेड के महंगाई के आंकड़ों से ठीक पहले आई। डॉलर में गिरावट से प्रमुख मुद्राओं और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर को अपनी कुछ गिरावट की भरपाई करने में मदद मिली, जबकि कमोडिटी में मिले-जुले नतीजे देखने को मिले। सोना अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा, लेकिन $2,784 से नीचे आ गया। वहीं, कच्चे तेल में 7 सप्ताह की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज हुई। शेयरों में मामूली गिरावट आई, जबकि क्रिप्टोकरेंसी में सप्ताह के अंत में बढ़त रही, हालांकि मिले-जुले संकेतों के बीच बाद में वे नीचे आ गईं।
जर्मनी और यूरोज़ोन के मिले-जुले आँकड़ों के साथ-साथ जारी भू-राजनीतिक और व्यापार युद्ध संबंधी चिंताओं के बावजूद, EURUSD ने जुलाई 2023 के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज की। इस पेयर ने फेड के संभावित सख्त रुख और ECB की संभावित ब्याज दर कटौती से पहले अपनी स्थिति बनाई। हालांकि, सोमवार की शुरुआत में व्यापक risk-off माहौल के बीच अमेरिकी डॉलर में वापसी हुई और यूरो छह हफ्तों के उच्च स्तर से नीचे आ गया।
इस बीच, USDJPY ने साप्ताहिक गिरावट की भरपाई की और तीन दिनों में पहली बार दैनिक बढ़त दर्ज की। येन पेयर FOMC के आगामी फ़ैसले की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी डॉलर सुरक्षित निवेश के तौर पर मांग में बना हुआ है, खासकर इसलिए कि जापान से कोई बड़ी नई जानकारी नहीं आई है।
GBPUSD में नवंबर 2022 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज हुई। शुक्रवार को आए ब्रिटेन के मज़बूत PMI आंकड़ों, ब्रिटेन की वित्त मंत्री रैचल रीव्स द्वारा निवेश बढ़ाने के लिए पेंशन सरप्लस का इस्तेमाल किए जाने की संभावना की खबर और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी से इसे समर्थन मिला। सर्वेक्षणों में संकेत मिला कि आगामी पेरोल टैक्स बढ़ोतरी के कारण ब्रिटेन की कंपनियां वेतन वृद्धि कम करने की योजना बना रही हैं, लेकिन पाउंड पर इसका खास असर नहीं पड़ा। हालांकि, सोमवार की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर की व्यापक रिकवरी के बीच इस जोड़ी में गिरावट आई। ब्रिटेन की आर्थिक बदलाव प्रक्रिया को लेकर बढ़ती चिंताओं और अगले सप्ताह की नीतिगत घोषणाओं से पहले Bank of England (BoE) के नरम रुख के अनुमान ने भी दबाव डाला।
ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर की साप्ताहिक बढ़त घट गई। इसकी वजह उनके सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन के निराशाजनक आंकड़े रहे। अमेरिकी डॉलर को समर्थन देने वाले रिस्क-ऑफ़ माहौल और कच्चे तेल की कमजोर कीमतों ने भी AUD, NZD और CAD पर दबाव डाला। ऑस्ट्रेलिया में छुट्टियों का भी असर रहा। खास बात यह है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद USDCAD में साप्ताहिक गिरावट दर्ज हुई। इसकी वजह अमेरिकी डॉलर की व्यापक कमजोरी और यह उम्मीदें थीं कि बैंक ऑफ़ कनाडा (BoC) इस सप्ताह अपने नरम रुख वाले दर कटौती कदमों पर रोक लगा सकता है।



पांच हफ्तों की सबसे बड़ी उछाल के बाद सोने की रिकॉर्ड ऊंचाई की ओर बढ़त थम गई और कीमत $2,784 से नीचे आ गई। कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और चीन से बढ़ी खरीदारी से इस कीमती धातु को फायदा हुआ था, लेकिन आज की गिरावट व्यापक जोखिम-विमुख रुझान और बीजिंग से आए निराशाजनक PMI तथा औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों के बीच आई।
इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही। OPEC से सप्लाई बढ़ाने की Trump की मांग, उनका “ड्रिल बेबी ड्रिल” रुख और चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर जारी चिंताएँ, इन सभी ने जोखिम से बचने की भावना को और बढ़ाया।
Donald Trump की ओर से उद्योग को बढ़ावा देने वाली ऐतिहासिक पहलों के प्रति प्रतिबद्धता पर नए सिरे से उठे संदेहों के बीच Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) ने अपनी साप्ताहिक बढ़त गंवा दी। निवेशकों की होल्डिंग बढ़ने की खबर का भी क्रिप्टोकरेंसी पर खास असर नहीं पड़ा, क्योंकि बाज़ार का कुल मिलाकर नकारात्मक रुख उन पर दबाव डाल रहा था।
सप्ताह की शुरुआत में बाज़ार की चाल सुस्त रही। चीन और ट्रंप से जुड़ी खबरों के साथ-साथ आंकड़े जारी होने से पहले की अनिश्चितता ने बाज़ार के रुख पर दबाव डाला। ऑस्ट्रेलिया में छुट्टी और अन्य जगहों पर हल्का आर्थिक कैलेंडर होने के कारण सोमवार को ट्रेडर्स कम उतार-चढ़ाव की उम्मीद कर सकते हैं। हालांकि, जर्मनी के IFO सेंटीमेंट आंकड़े, US Chicago PMI और New Home Sales से बाज़ार में कुछ हलचल आ सकती है। सप्ताह के आखिर में अहम घटनाओं से पहले ट्रंप से जुड़ी लगातार आ रही खबरें और बनता हुआ बाज़ार रुख भी इसका कारण हो सकते हैं।
FOMC बैठक, अमेरिका के कोर PCE मूल्य सूचकांक और टिकाऊ वस्तुओं के ऑर्डर से पहले सतर्क माहौल और बाजार में ठहराव अमेरिकी डॉलर को हाल की रिकवरी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इससे अन्य प्रमुख मुद्राओं और ऑस्ट्रेलिया व न्यूज़ीलैंड की मुद्राओं पर दबाव पड़ सकता है। कमोडिटी में मिला-जुला कारोबार हो सकता है। सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को फायदा मिल सकता है, जबकि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से तेल की आपूर्ति पर दबाव पड़ सकता है। इस बीच, ब्रिटेन से बड़े बाजार उत्प्रेरकों की कमी और Fed व BoE की नीतियों में बढ़ते अंतर की चिंताओं के कारण GBP/USD में और गिरावट आ सकती है।
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