
जो बाइडेन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति पद की बहस मोमेंटम ट्रेडर्स में उत्साह नहीं जगा पाई। जून के अमेरिकी कोर PCE प्राइस इंडेक्स—फ़ेड का पसंदीदा महँगाई संकेतक—के आँकड़ों से पहले बाज़ार में सतर्कता बनी रही। चीन, रूस और मध्य पूर्व से जुड़ी मिली-जुली भू-राजनीतिक ख़बरें भी बाज़ार की रफ़्तार पर अंकुश लगा सकती हैं। हाल के दिनों में प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से मिले मिले-जुले आँकड़ों के चलते प्रमुख केंद्रीय बैंकों के अगले क़दमों को लेकर बनी अनिश्चितता भी इसका एक कारण है। सबसे बढ़कर, महीने के अंत और तिमाही के अंत में बाज़ार के स्थिर होने से ट्रेडर्स के लिए माहौल अनिश्चित बना हुआ है।
इस बीच, चार हफ्तों की तेजी जारी रहने की तैयारी के साथ US Dollar Index (DXY) में मामूली बढ़त हुई, जबकि तीन हफ्तों तक लगातार गिरावट के बाद EURUSD संभलने की कोशिश कर रहा है। वहीं, GBPUSD की दिशा स्पष्ट नहीं है, जबकि USDJPY मज़बूत बना हुआ है और 1986 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर है।
AUDUSD और NZDUSD निचले स्तरों पर बने रहे, जबकि कमज़ोर कमोडिटी कीमतों और ऑस्ट्रेलियाई-न्यूज़ीलैंड डॉलर के बीच USDCAD लगातार चौथे दिन बढ़ा। इस बीच, गुरुवार को अहम सपोर्ट लाइन से उभरी गोल्ड की रिकवरी फीकी पड़ गई, जबकि क्रूड ऑयल दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
स्पॉट ETH ETF लॉन्च से पहले क्रिप्टो बाज़ार में मिले-जुले रुझान के बीच, BTCUSD लगातार तीसरे सप्ताह दबाव में बना हुआ है, जबकि ETHUSD पांच सप्ताह में पहली साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की तैयारी में है।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



गुरुवार को अमेरिका के Durable Goods Orders और Q1 GDP के अंतिम आंकड़े उम्मीद से बेहतर आए। हालांकि, हाउसिंग, महंगाई और रोज़गार से जुड़े विवरण प्रभावशाली नहीं रहे। इससे आज के अहम डेटा—मई के US Core PCE Price Index—से पहले अमेरिकी डॉलर में तेज़ी की उम्मीद रखने वाले ट्रेडर्स का उत्साह कम हुआ। ध्यान देने वाली बात है कि Fed गवर्नर Michelle Bowman ने कहा, “हम अभी ब्याज दरों में कटौती पर विचार करने के मुकाम पर नहीं पहुंचे हैं।” हालांकि, Atlanta Fed के अध्यक्ष Raphael Bostic ने कहा कि उन्हें इस साल एक और 2025 में 4 कटौती की उम्मीद है।
अमेरिका के मिले-जुले डेटा और Fed की टिप्पणियों के अलावा, पहले के जोखिम लेने वाले माहौल को लेकर चुनौतियों ने भी USD की वापसी की उम्मीद लगाए खरीदारों को रोक दिया।
राजनीतिक जोखिमों की बात करें तो, अमेरिकी उप विदेश मंत्री कैंपबेल ने दक्षिण चीन सागर में चीन की सैन्य गतिविधियों से पैदा हो रही आशंकाओं को उजागर किया। वहीं, NBS News ने बताया कि बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका लेबनान से अपने नागरिकों को निकालने की तैयारी कर रहा है। ध्यान देने वाली बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और आम चुनाव में उनके प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप के बीच पहली बहस से बाज़ार को कोई बड़ा संकेत नहीं मिला। हालांकि, चीन-विरोधी नीतियों को लेकर ट्रंप के रुख पर ध्यान गया, जिससे अमेरिकी डॉलर को फिर से मजबूती मिली और कमोडिटी तथा ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर पर भी दबाव पड़ा। दूसरी ओर, अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी फ़ार्मेसी चेन ने कमजोर उपभोक्ता खर्च और अपने बड़े स्टोर बंद करने की योजनाओं के संकेत दिए। उसने आगे महंगाई कम होने का भी इशारा किया, जो Fed की मौजूदा मौद्रिक नीति को अप्रत्यक्ष समर्थन देता है।
इसके चलते, US Dollar Index (DXY) लगातार चौथे हफ़्ते की बढ़त के लिए तैयार दिखा और मई की शुरुआत के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर के आसपास पहुंच गया।
अमेरिका के आँकड़े ज़्यादातर सकारात्मक रहे, जबकि यूरोज़ोन के आँकड़े उतने प्रभावशाली नहीं थे। फिर भी, वे EURUSD को दिन का अंत बढ़त के साथ करने में मदद कर सकते हैं। गुरुवार को यूरो में आई रिकवरी का संबंध अमेरिकी डॉलर की गिरावट से हो सकता है, जो आज के फ़ेड के मुद्रास्फीति संबंधी संकेतों से पहले आई। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के अधिकारियों की हॉकिश टिप्पणियों का भी इसमें योगदान हो सकता है। हालांकि, डॉलर की रिकवरी और बिगड़ते बाज़ार सेंटीमेंट के साथ-साथ ब्लॉक के आर्थिक बदलावों को लेकर संदेह और ECB की हॉकिश टिप्पणियाँ प्रमुख करेंसी पेयर पर दबाव डाल रही हैं। गुरुवार को ECB के नीति-निर्माता Peter Kažimír ने एक और रेट कट की उम्मीद जताई, लेकिन आगे के किसी भी कदम की पुष्टि करने से परहेज़ किया। यह बाज़ार की उम्मीदों के अनुरूप है, बशर्ते यूरोज़ोन की महंगाई के आँकड़ों में कोई बड़ा आश्चर्य न हो। यूरोज़ोन के जून के उपभोक्ता विश्वास, आर्थिक सेंटीमेंट संकेतक और कारोबारी माहौल के अंतिम आँकड़े पुराने महाद्वीप को लेकर आशावाद जगाने में नाकाम रहे।
दूसरी ओर, बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कहा गया कि ब्रिटेन के कई परिवारों पर जीवन-यापन की बढ़ती लागत और ब्याज दरों का दबाव है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बाज़ार की कीमतों में तेज़ गिरावट का जोखिम अब भी बना हुआ है। ध्यान देने वाली बात है कि BoE के पूर्व नीति-निर्माता Michael Saunders ने गुरुवार को अपनी उम्मीदें बताते हुए कहा कि अगस्त में एक बार ब्याज दर में कटौती हो सकती है और 2025 के अंत तक कैश रेट 3.5% रह सकती है। शुक्रवार को जारी ब्रिटेन की पहली तिमाही की GDP के अंतिम आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे, जिससे हाल के दिनों में Cable पेयर पर बिकवाली करने वाले दबाव में आ सकते हैं। इसलिए, ब्रिटेन से मिले-जुले संकेत GBPUSD पर नीचे की ओर दबाव डाल रहे हैं, जबकि बेयर्स नियंत्रण बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
जापान के औद्योगिक उत्पादन और टोक्यो की महंगाई के उत्साहजनक आंकड़ों के बावजूद USDJPY 1986 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इससे मजबूत यील्ड के बीच बैंक ऑफ जापान (BoJ) की ब्याज दर बढ़ाने की चिंताओं को लेकर बाजार की बेचैनी दिखती है।
सतर्क माहौल और Reserve Bank of Australia (RBA) के डिप्टी गवर्नर Andrew Hauser की नरम रुख वाली टिप्पणियों के बीच अमेरिकी डॉलर की वापसी से AUDUSD पर दबाव पड़ रहा है। नीति-निर्माता ने मई के CPI के उम्मीद से ज़्यादा बढ़ने की रिपोर्ट के असर को कम करके आँका। हालांकि, RBA के Hauser ने कहा, “केवल एक आंकड़े के आधार पर नीति तय करना बड़ी गलती होगी।”
इसके अलावा, चीन से जुड़ी चिंताओं और अमेरिकी डॉलर की वापसी के बीच, न्यूज़ीलैंड से किसी बड़ी खबर के बिना NZDUSD छह हफ़्तों के निचले स्तर पर आ गया। न्यूज़ीलैंड की आर्थिक स्थिति में बदलाव की रफ़्तार धीमी पड़ने की बढ़ती चिंताओं को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। आगे बढ़ते हुए, शुक्रवार की शुरुआत तक लगातार चौथे दिन बढ़कर USDCAD तीन हफ़्तों में अपनी पहली साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की ओर बढ़ रहा है। ऐसा करते हुए, यह लूनी पेयर कनाडा के मुख्य निर्यात उत्पाद क्रूड ऑयल की ऊँची कीमतों और सप्ताह के मध्य में जारी कनाडा की उम्मीद से बेहतर महंगाई के आँकड़ों को नज़रअंदाज़ कर रहा है। इसकी वजह Bank of Canada (BoC) को लेकर नरम रुख और Fed को लेकर सख़्त रुख की चिंताएँ हैं।
साप्ताहिक इन्वेंटरी में अप्रत्याशित बढ़ोतरी के बावजूद कच्चे तेल की कीमत दो महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसकी वजह सप्लाई में कमी की आशंका और चीन की ओर से और प्रोत्साहन देने की तैयारी हो सकती है। वहीं, अमेरिकी डॉलर में वापसी के बावजूद सोने की कीमत ने प्रमुख सपोर्ट स्तर से शानदार उछाल दर्ज किया और साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रही है।
आगे, सभी की नज़रें Fed के पसंदीदा महंगाई संकेतक—मई के US Core PCE Price Index के आंकड़ों—पर रहेंगी। बाज़ार के प्रतिभागी US Federal Reserve (Fed) के सख्त रुख वाले डॉट प्लॉट पर भरोसा करना चाहते हैं और US Dollar में तेज़ी के रुख को बनाए रखना चाहते हैं। ऐसे में, आंकड़ों में अपेक्षित नरमी Greenback के खरीदारों के लिए चुनौती बन सकती है। फिर भी, Chicago PMI में संभावित सुधार और जून के Michigan Consumer Sentiment Index के अंतिम आंकड़े USD को तेज़ी के रुझान वाले ट्रेडर्स की नज़र में बनाए रख सकते हैं। इसके अलावा, Biden-Trump बहस पर अमेरिकी बाज़ार की प्रतिक्रिया भी Greenback को मज़बूत बने रहने में मदद कर सकती है। वहीं, फ्रांस और स्पेन के महंगाई के नए आंकड़ों के साथ Eurozone और UK की राजनीतिक सुर्खियां, तथा चीन, रूस और मध्य पूर्व से जुड़ी खबरें, मोमेंटम ट्रेडर्स को सक्रिय रख सकती हैं।
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