
मंगलवार को बाज़ार में आए पलटाव ने हालिया चालों को उलट दिया और अमेरिकी डॉलर की चमक लौटाने में मदद की। इससे जोखिम वाले एसेट्स पर गिरावट का दबाव पड़ा, जबकि बाज़ार का मूड मिला-जुला बना रहा। इसकी वजह यह हो सकती है कि अमेरिका और जापान में लंबे वीकेंड के बाद बाज़ार पूरी तरह खुलने पर ट्रेडर्स ने बाज़ार की चाल का फिर से आकलन किया।
हालांकि, अमेरिका, यूरोज़ोन और यूके के केंद्रीय बैंक अपने-अपने सख्त मौद्रिक रुख का बचाव कर रहे हैं, लेकिन यूरोप और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्थाओं को लेकर चिंताओं के बीच फ़ेड अधिकारियों के रुख को तुलनात्मक रूप से ज़्यादा समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा, इज़राइल को लेकर भू-राजनीतिक चिंताएं कम होना और चीन को लेकर मिली-जुली धारणा, एशिया की अर्थव्यवस्थाओं से जुड़ी चिंताओं के साथ मिलकर ट्रेडर्स को असमंजस में डाल रही हैं।
इन बाजार गतिविधियों के बीच अमेरिकी डॉलर लगातार चौथे दिन गिरावट का सिलसिला जारी रखे हुए है, जबकि गोल्ड और क्रूड ऑयल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। वहीं, G10 करेंसीज़ में USDJPY अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सबसे ज़्यादा गिरता दिख रहा है। इसके बाद AUDUSD, NZDUSD, USDCAD और GBPUSD का नंबर है।
ध्यान देने वाली बात है कि वॉल स्ट्रीट मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, लेकिन एशिया-पैसिफ़िक के शेयरों में गति नहीं है। इसके अलावा, गैप-डाउन शुरुआत के बाद यील्ड में कुछ सुधार हुआ है, जबकि स्टॉक फ़्यूचर्स हाल के कारोबार में दिशाहीन रहे हैं।
इसके बावजूद, पिछले कुछ दिनों में गिरावट के बाद BTCUSD और ETHUSD में मामूली बढ़त दर्ज की गई।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



इज़राइल और हमास के बीच खूनी युद्ध जारी है और दुनिया के नेता अपना-अपना पक्ष चुन रहे हैं। इसी बीच, Reuters की खबर के मुताबिक, हमास के एक अधिकारी ने कहा कि वे इज़राइल के साथ युद्धविराम पर बातचीत के लिए तैयार हैं। इस रुख को चीन के वाणिज्य मंत्री Wang Wentao की टिप्पणियों से भी समर्थन मिला। उन्होंने मंगलवार को बीजिंग में अमेरिकी सीनेटरों के साथ हुई बातचीत को तर्कसंगत और व्यावहारिक बताया।
इस बीच, चीन की Country Garden से आई बुरी खबर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के आशावादी लोगों को चिंतित कर रही है, खासकर Fed की सख्त रुख वाली टिप्पणियों के बीच। चीन की Country Garden ने कर्ज़ का भुगतान नहीं किया, जिससे एशिया की इस बड़ी अर्थव्यवस्था में क्रेडिट संबंधी चिंताएँ बढ़ गईं। इसी वजह से World Bank के मुख्य अर्थशास्त्री Indermit Gill ने कहा कि एशिया के ऐसे देशों में भी कर्ज़ का बढ़ता स्तर, जो देखने में आर्थिक रूप से स्वस्थ हैं, इस क्षेत्र की वृद्धि को मौजूदा अनुमानों से नीचे ला सकता है।
Dallas Fed के अध्यक्ष Logan ने सख्त वित्तीय स्थितियों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। वहीं, Fed के वाइस चेयर Philip Jefferson ने कहा, “आत्मविश्वास से यह कहने के लिए अभी शायद जल्दबाज़ी होगी कि हमने पर्याप्त सख्ती की है।” इसके अलावा, Fed के वाइस चेयरमैन ऑफ़ सुपरविज़न Michael Barr ने सोमवार को कहा कि बैंकों को सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। साथ ही, उन्होंने US की आर्थिक मज़बूती का भी ज़िक्र किया।
दूसरी ओर, ECB अधिकारियों ने मंदी से जुड़ी चिंताओं को कम करने की कोशिश की, लेकिन प्रतिबंधात्मक मौद्रिक नीति का बचाव करने के बावजूद वे ब्याज दरों में और बढ़ोतरी को लेकर कुछ हिचकिचाते दिखे। हालांकि, Bank of England की Monetary Policy Committee की सदस्य Catherine Mann ने कहा कि UK में वेतन और कीमतों की महंगाई नीचे आने में धीमी है, जिससे नीति के सख्ती समर्थकों के साथ-साथ GBPUSD के खरीदारों को भी बल मिलता है। ध्यान देने वाली बात है कि ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं हाल में खबरों में रही हैं और Cable पर नीचे की ओर दबाव डाल रही हैं।
Binance के क्रिप्टो अकाउंट्स पर फ़िशिंग हमलों और इसके चलते करीब $4,50,000 के नुकसान ने हालिया कंसोलिडेशन से पहले BTCUSD और ETHUSDD को नीचे खींच लिया।
सप्ताह के पहले सक्रिय कारोबारी दिन, मंगलवार को ECB, Fed और BoE के कई केंद्रीय बैंक अधिकारी बोलेंगे। इन सभी के अपने सख़्त मौद्रिक रुख पर क़ायम रहने की संभावना है। Fed के अधिकारियों की टिप्पणियां अमेरिकी डॉलर को हालिया रिकवरी जारी रखने में मदद कर सकती हैं। वहीं, ECB और BoE अधिकारियों की निराशाजनक टिप्पणियां डॉलर को और मज़बूत कर सकती हैं और यूरो तथा पाउंड पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, इज़राइल और चीन से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताएं भी ट्रेडर्स का ध्यान खींचेंगी, लेकिन हल्का आर्थिक कैलेंडर बाज़ार की हलचल को सीमित कर सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!