
बुधवार की शुरुआत में बाजार के प्रतिभागियों को स्पष्ट दिशा नहीं मिल रही है। इससे पहले, पिछले दिन ट्रेडिंग का रुख ज्यादातर मिला-जुला रहा था। हालांकि, फेडरल रिज़र्व (Fed) के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की अर्धवार्षिक गवाही और चीन में महंगाई के कमजोर आंकड़ों से अमेरिकी डॉलर को सप्ताह की शुरुआत में मिली बढ़त को आगे बढ़ाने में मदद मिली। लेकिन, पॉवेल की गवाही के दूसरे दौर और जून के अमेरिकी कंज़्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) से पहले सतर्क माहौल, भू-राजनीतिक खबरों के मिले-जुले संकेतों के बीच डॉलर के खरीदारों के लिए चुनौती बन रहा है।
अमेरिकी डॉलर में मामूली बढ़त के बावजूद, जून में यूरोज़ोन की मज़दूरी में तेज़ बढ़ोतरी के बीच EURUSD की दिशा अनिश्चित बनी हुई है। GBPUSD में भी इसी तरह का रुख है, क्योंकि ब्रिटेन में राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है और गुरुवार को अहम आँकड़े जारी होने से पहले ब्रिटेन से कोई बड़ा डेटा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, USDJPY पिछले सप्ताह दर्ज किए गए कई वर्षों के उच्च स्तर की ओर बढ़ रहा है, क्योंकि बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का समर्थन करने से हिचकिचा रहा है।
चीन में महंगाई के कमजोर संकेतों के बावजूद AUDUSD में कोई खास तेजी नहीं आई और यह कमजोर बना हुआ है। वहीं, रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड (RBNZ) के नरम रुख वाले दर-विराम, चीन के नरम CPI और Fed की आक्रामक टिप्पणियों के बाद NZDUSD में भारी गिरावट आई। दूसरी ओर, कच्चे तेल में पिछली बढ़त घटने के बावजूद USDCAD करीब 5.5 महीने पुरानी ऊपर की ओर जाती सपोर्ट लाइन की तरफ लौट रहा है।
11 हफ्ते के उच्च स्तर से नीचे आने के बाद कच्चा तेल लगातार चौथे दिन दबाव में है। हालांकि, इन्वेंटरी के आंकड़े और मांग के अनुमान ऊर्जा खरीदारों की उम्मीदें बनाए हुए हैं। इसी तरह, बाजार की अनिश्चितता से सोने की कीमत को सहारा मिल रहा है और हाल में तेजी की रफ्तार कमजोर रहने के बावजूद यह लगातार दूसरे दिन बढ़ी है।
माइनर्स की ओर से बिकवाली का दबाव कम होने के साथ तेज़ी के तकनीकी संकेतों से भी समर्थन मिला। इस बीच, प्रेस समय तक BTCUSD और ETHUSD लगातार तीसरे दिन बढ़े और सप्ताह का नया उच्च स्तर छू लिया।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



पिछले दिन अर्धवार्षिक गवाही के दौरान Fed चेयर पॉवेल का रुख कम आक्रामक दिखा, लेकिन उन्होंने ब्याज दरों में कटौती को टालने का संकेत दिया और अमेरिका की अर्थव्यवस्था के सॉफ्ट लैंडिंग करने पर भरोसा जताया। इससे US Dollar Index (DXY) को सप्ताह की शुरुआत में मिली रिकवरी आगे बढ़ाने में मदद मिली। USD को अमेरिकी रोज़गार बाज़ार की मज़बूती पर उनकी टिप्पणियों से भी सहारा मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा, “जब तक Fed को यह भरोसा नहीं हो जाता कि महंगाई टिकाऊ रूप से 2% की ओर बढ़ रही है, तब तक ब्याज दरों में कटौती उचित नहीं है।”
इसके अलावा, गाज़ा युद्धविराम वार्ता से मिली मिली-जुली खबरों और चीन में महंगाई की नरमी से अमेरिकी डॉलर के खरीदारों की उम्मीद बनी हुई है।
EURUSD, अमेरिकी डॉलर की रिकवरी का मुकाबला कर रहा है। जून में यूरोज़ोन में वेतन वृद्धि तेज़ हुई है, जबकि यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के अधिकारी ब्याज दरों में और कटौती का विरोध कर रहे हैं। हालांकि, यूरोपीय संघ के राजनीतिक झटके यूरो की बढ़त को परख रहे हैं। इसी तरह, GBPUSD में भी बिकवाली का दबाव बढ़ने के संकेत दिख रहे हैं। इसकी वजह लेबर पार्टी की भारी जीत के बाद ब्रिटेन में बेहतर राजनीतिक और आर्थिक बदलावों की उम्मीद है। ध्यान दें कि USDJPY लगातार तीसरे दिन बढ़ा और पिछले सप्ताह दर्ज 1986 के बाद के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचा। इस बीच, जापान का प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) नरम रहा और BoJ के बॉन्ड संबंधी कदमों की चर्चा भी हुई।
चीन के नरम CPI का दबाव AUDUSD और NZDUSD पर दिख रहा है। RBNZ द्वारा प्रमुख ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के बावजूद, G10 मुद्राओं में कीवी जोड़ी में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई। NZDUSD की गिरावट का संबंध केंद्रीय बैंक के कम आक्रामक रुख और ज़रूरत पड़ने पर ब्याज दरों में कटौती के लिए तैयार रहने से हो सकता है। दूसरी ओर, कनाडा की मुख्य निर्यात वस्तु यानी कच्चे तेल के कमजोर आंकड़ों के बावजूद USDCAD निचले स्तर पर बना हुआ है। इसकी वजह यह है कि घरेलू आंकड़े मिले-जुले रहने पर भी ट्रेडर्स को Bank of Canada (BoC) के आक्रामक रुख वाले बयानों पर भरोसा बढ़ रहा है।
गाज़ा युद्धविराम वार्ता को लेकर चिंताएँ कम होने और इस उम्मीद के बीच कि तूफ़ान बेरिल से तेल की आपूर्ति पर ज़्यादा असर नहीं पड़ेगा, कच्चे तेल में पिछले सप्ताह के दौरान कई दिनों के उच्च स्तर से शुरू हुई गिरावट जारी रही। ध्यान देने वाली बात है कि American Petroleum Institute (API) के अनुसार, साप्ताहिक कच्चे तेल के भंडार में उम्मीद से ज़्यादा कमी और US Energy Information Administration (EIA) के तेल की मांग के आशावादी पूर्वानुमान के बावजूद तेल की खरीदारी फिर से नहीं बढ़ी। खासकर मज़बूत अमेरिकी डॉलर के बीच ऐसा हुआ।
सोने की कीमत में रिकवरी जारी है। बाजारों के मिले-जुले रुझान और आर्थिक कैलेंडर के फीके घटनाक्रम, भू-राजनीतिक सुर्खियों के साथ मिलकर ट्रेडर्स की चिंता बढ़ा रहे हैं और उन्हें पारंपरिक सुरक्षित निवेश की ओर ले जा रहे हैं। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में मिले-जुले उतार-चढ़ाव के बीच यह रुझान खास तौर पर दिख रहा है।
आगे देखें तो ट्रेडर्स के लिए आने वाला दिन थोड़ा सक्रिय रह सकता है, खासकर ऊर्जा बाज़ार में, क्योंकि OPEC की मासिक रिपोर्ट और EIA के साप्ताहिक स्टॉकपाइल्स जारी होने वाले हैं। अगर तेल उत्पादक देशों का समूह मांग के अपने सकारात्मक पूर्वानुमानों पर कायम रहता है और आधिकारिक इन्वेंटरी घटती है, तो इससे कच्चे तेल को हाल के नुकसान की भरपाई करने में मदद मिल सकती है। Fed चेयर Jerome Powell की गवाही का दूसरा दौर भी देखने लायक होगा। अगर नीति निर्माता अपना हॉकिश रुख और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर आशावाद बनाए रखते हैं, तो अमेरिकी डॉलर हाल की तेज़ी को आगे बढ़ा सकता है और कमोडिटीज़ के साथ-साथ एंटीपोडियन मुद्राओं पर भी दबाव डाल सकता है। सबसे अहम बात यह है कि गुरुवार को जारी होने वाला US CPI महत्वपूर्ण रहेगा, इसलिए बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना कम है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!