
मंगलवार को बाज़ार का रुझान मज़बूत बना रहा। सप्ताह की शुरुआत से जारी आशावाद कायम रहा और ट्रेडर्स ने अमेरिका तथा प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं, खासकर चीन और जापान, के बीच व्यापार समझौतों की बढ़ती उम्मीदों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। सप्ताहांत की खबरों से इस आशावाद को बल मिला। खबरों में अमेरिका-चीन व्यापार समझौते की संभावित रूपरेखा का संकेत था। यह दक्षिण कोरिया में गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात से पहले आया। अमेरिकी शेयर बाज़ारों में भी मज़बूत शुरुआत देखने को मिली। तीसरी तिमाही की अच्छी कमाई और वॉल स्ट्रीट के मज़बूत प्रदर्शन ने इसे सहारा दिया। इसके अलावा, अक्टूबर के डलास फ़ेड मैन्युफैक्चरिंग सर्वे में सुधार दिखा, जिससे सकारात्मक माहौल को बल मिला। हालांकि, इस सप्ताह के अहम आर्थिक आंकड़ों और घटनाओं से पहले सतर्कता बनी रही। संभावित अमेरिकी सरकारी शटडाउन और रूस के साथ भू-राजनीतिक तनाव को लेकर भी चिंताएं थीं।
हालाँकि, डलास Fed के अक्टूबर मैन्युफैक्चरिंग सर्वे में सुधार दिखा। सामान्य कारोबारी गतिविधि का आँकड़ा पहले के -8.7 से बढ़कर -5.0 रहा।
ट्रंप की जापान यात्रा से आशावाद को और बल मिला। इस दौरान उन्होंने नवनियुक्त जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची और जापान के सम्राट से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने सकारात्मक रुख दिखाया और बताया कि वे पहले हुए व्यापार और निवेश समझौतों को आगे कैसे बढ़ाएंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री ताकाइची ने महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ मृदा तत्वों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं की मुलाकात सकारात्मक रही। अपनी पहली मुलाकात के दौरान ताकाइची ने ट्रंप की प्रशंसा की। जापान के अर्थव्यवस्था मंत्री ने भी स्थिर येन के समर्थन में बयान दिया, जो संभावित मौखिक हस्तक्षेप का संकेत था।
संभावित अमेरिका-चीन व्यापार समझौते की खबर से प्रमुख इंडेक्स ऊपर चढ़े। मौके से चूकने का डर (FOMO) भी इसमें एक वजह रहा, खासकर इस सप्ताह Amazon, Apple, Alphabet, Meta और Microsoft समेत कई बड़ी कंपनियों की कमाई के नतीजे आने की उम्मीद के बीच। इस दौरान अमेरिकी शेयर बाज़ार ने Amazon की मंगलवार से 30,000 तक व्हाइट-कॉलर नौकरियां घटाने की योजना की चिंताजनक खबर को नज़रअंदाज़ किया। फिर भी, व्यापक बाज़ार की तेज़ी के बीच Amazon के शेयर 1.1% चढ़े।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने रूसी रिफ़ाइनरियों पर लंबी दूरी के और हमलों की घोषणा की। उन्होंने चेतावनी दी कि युद्ध में रूस की कार्रवाइयों की उसे और बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। यूक्रेन अपने प्रयासों को समर्थन देने के लिए अधिक दूरी तक मार करने वाली अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइलें भी मांग रहा है।
चीन के केंद्रीय बैंक ने क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग पर प्रतिबंध फिर से लागू करने की पुष्टि की और ऑफशोर स्टेबलकॉइन से जुड़े जोखिमों के बारे में चेतावनी दी। वहीं, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) डिजिटल युआन का विस्तार कर रहा है और बीजिंग तथा शंघाई में नए ऑपरेशनल सेंटर खोल रहा है।
दूसरी ओर, चीन और जर्मनी के बीच तनाव तब साफ दिखा, जब एक जर्मन मंत्री ने चीन की यात्रा रद्द कर दी। यह फैसला चीनी निर्यात प्रतिबंधों और रूस के साथ चीन के संबंधों पर बर्लिन की आलोचना को लेकर मतभेदों के बाद आया। दोनों पक्षों ने लगातार बातचीत जारी रखने के महत्व पर ज़ोर दिया। हालांकि, कारोबारी समूहों ने चेतावनी दी कि तनाव और बढ़ने से जर्मनी की नाज़ुक अर्थव्यवस्था और चीन के साथ उसके व्यापारिक संबंधों को नुकसान पहुंच सकता है। पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापार $200 बिलियन से अधिक था।
UK में अक्टूबर में दुकानों की कीमतें सात महीनों में पहली बार गिरीं। इसकी वजह खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों में तेज़ गिरावट रही। कुल मिलाकर, सितंबर के मुकाबले कीमतें 0.3% घटीं, जिससे परिवारों और नीति-निर्माताओं को कुछ राहत मिली। हालांकि, British Retail Consortium (BRC) ने चेतावनी दी कि ऊँचे टैक्स से महँगाई फिर बढ़ सकती है, जिससे GBPUSD के खरीदारों पर दबाव पड़ सकता है।
OPEC+ की आगामी रविवार की बैठक में तेल उत्पादन में 137,000 बैरल की मामूली बढ़ोतरी पर सहमति बनने की संभावना है। कुछ देश इस बढ़ोतरी पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतें $0.16 यानी 0.22% बढ़कर $61.66 पर पहुंच गईं।
S&P Global Ratings ने माइकल सेलर की बिटकॉइन पर केंद्रित कंपनी Strategy को "B-" क्रेडिट रेटिंग दी है। रेटिंग एजेंसी ने इसकी वजह बिटकॉइन पर कंपनी की भारी निर्भरता और सीमित लिक्विडिटी बताई। इस रेटिंग के साथ कंपनी सट्टा-श्रेणी में आती है और इसे निवेश-ग्रेड नहीं माना जाता।
इन घटनाक्रमों के बीच, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) एक हफ़्ते के निचले स्तर पर आ गया, जबकि सोने की कीमतें दो हफ़्ते के निचले स्तर पर पहुँच गईं। गौरतलब है कि USDJPY में आठ दिनों में पहली दैनिक गिरावट दर्ज हुई और यह फरवरी के बाद के अपने सबसे ऊँचे स्तर से नीचे आया। वहीं, EURUSD और AUDUSD में लगातार पाँच दिनों तक बढ़त दर्ज हुई, GBPUSD ने अपनी पिछली बढ़त को आगे बढ़ाया और NZDUSD दो हफ़्ते के उच्च स्तर पर पहुँचा। कनाडा पर अतिरिक्त 10% टैरिफ़ लगाने के राष्ट्रपति ट्रंप के फ़ैसले के बाद USDCAD पर दबाव बना रहा और यह 9 अक्टूबर के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर रहा।
OPEC+ की बैठक में उत्पादन सावधानी से बढ़ाने की उम्मीदों के सहारे कच्चे तेल ने सप्ताह की शुरुआत मज़बूती के साथ की। कई दिनों के उच्च स्तर पर पहुँचने के बाद क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट आई। इस बीच, कुल मिलाकर सकारात्मक माहौल और मज़बूत आय रिपोर्टों के दम पर अमेरिकी शेयर बाज़ार के प्रमुख सूचकांक रिकॉर्ड ऊँचाइयों पर पहुँचते रहे। निवेशक अमेरिका की बड़ी कंपनियों के Q3 के प्रमुख नतीजों का इंतज़ार कर रहे हैं।
USDJPY ने लगातार सात दिन की बढ़त का सिलसिला तोड़कर ध्यान खींचा और 10 अक्टूबर के बाद की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट दर्ज की। इसकी वजह अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और अमेरिका-जापान संबंधों को लेकर बढ़ता आशावाद रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति Trump की जापान यात्रा और जापान की नई प्रधानमंत्री Takaichi की सकारात्मक टिप्पणियों के बाद यह आशावाद बढ़ा। Takaichi ने दोनों देशों के बीच भविष्य के संबंधों को लेकर काफी उत्साह दिखाया। इसके बावजूद, USDJPY ने उन चिंताओं को नज़रअंदाज़ किया कि Takaichi के नेतृत्व में Bank of Japan (BoJ) ब्याज दरें और बढ़ाने से हिचक सकता है। Takaichi, पूर्व प्रधानमंत्री Shinzo Abe की नरम मौद्रिक नीतियों की प्रबल समर्थक हैं और उनका ध्यान राजकोषीय उपायों पर अधिक रहने की संभावना है। यह करेंसी पेयर बुधवार को होने वाली FOMC बैठक और गुरुवार की BoJ बैठक से पहले अपनी स्थिति बना रहा है।
EURUSD ने यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) की नरम रुख वाली टिप्पणियों और चीन-जर्मनी संबंधों को लेकर चिंताओं को नज़रअंदाज़ किया। इस हफ़्ते Federal Reserve (Fed) और ECB के मौद्रिक नीति फैसलों से पहले इसे मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर की कमजोरी से फ़ायदा मिला। इसके परिणामस्वरूप, EURUSD हफ़्ते के उच्च स्तर पर पहुंचा और इसकी लगातार पांच दिनों की बढ़त जारी रही।
इसी तरह, GBPUSD ने पिछले दिन की बढ़त जारी रखी और सात दिनों में पहली बार उछाल दर्ज किया। यह बढ़त British Retail Consortium (BRC) के UK शॉप प्राइस इंडेक्स के निराशाजनक डेटा के बावजूद आई। ब्रिटिश पाउंड में हालिया उछाल की वजह कमजोर US डॉलर, बाज़ार में व्यापक आशावाद और इस हफ़्ते के अंत में होने वाली अहम घटनाओं से पहले ट्रेडर्स की पोज़िशनिंग हो सकती है।



वैश्विक आशावाद और चीन की ओर से और प्रोत्साहन देने की तैयारी, प्रमुख केंद्रीय बैंक बैठकों की तैयारियों और दक्षिण कोरिया में होने वाले Trump-Xi शिखर सम्मेलन के साथ, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, न्यूज़ीलैंड डॉलर और कनाडाई डॉलर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बढ़त दिलाई। ऐसा तब हुआ, जब घरेलू स्तर पर कोई खास सकारात्मक घटनाक्रम नहीं था। नतीजतन, AUDUSD और NZDUSD दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए, जबकि USDCAD पर दबाव बना रहा और यह एक सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। Reserve Bank of Australia के हालिया बयानों में पहले जैसा आशावाद नहीं था, लेकिन वे जोखिम लेने के पक्ष में बने व्यापक माहौल को कमजोर नहीं कर सके, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला। NZDUSD में भी यही रुझान रहा। इस बीच, USDCAD लगातार दूसरे दिन गिरा। OPEC+ की खबरों से सोमवार को मिली बढ़त के बाद कच्चे तेल की कीमतें भी पीछे हटीं, जबकि बाजार में जोखिम लेने का व्यापक रुझान और कमजोर अमेरिकी डॉलर इस करेंसी पेयर पर दबाव डालते रहे।
व्यापक बाज़ार आशावाद के दबाव में Gold की कीमतों में संघर्ष दिखा। US Dollar कमजोर होने के बावजूद, अगस्त के अंत से बनी ऊपर की ओर जाती सपोर्ट लाइन टूटने के बाद कीमतें दो सप्ताह के निचले स्तर तक गिर गईं। Gold में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज हुई।
दूसरी ओर, OPEC+ की खबरों और अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी से WTI क्रूड ऑयल ने सप्ताह की शुरुआत बढ़त के साथ की। हालांकि, मंगलवार की शुरुआत में इसमें गिरावट आई, क्योंकि ट्रेडर्स ने चीन की मांग को लेकर चिंताओं का फिर से आकलन किया और प्रमुख उत्पादकों से सप्लाई बढ़ने की संभावना पर विचार किया। इस दौरान अमेरिका में तेल का भंडार भी बढ़ रहा था।
मजबूत सप्ताह के बाद, प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में पिछले दिन पांच दिनों में पहली दैनिक गिरावट दर्ज हुई। मंगलवार की शुरुआत में भी उन पर दबाव बना रहा, क्योंकि बाज़ार के प्रतिभागियों ने पहले के आशावाद का फिर से आकलन किया। मंदी के रुझान को चीन की खबरों से भी बल मिला। चीन ने क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग पर प्रतिबंध की फिर पुष्टि की, साथ ही स्टेबलकॉइन के विकास का समर्थन किया।
इस बीच, अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी जारी रही। वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांकों ने नए रिकॉर्ड स्तर छुए, जिससे एशिया-प्रशांत के शेयरों को भी बढ़त मिली। अमेरिका-चीन व्यापार समझौते की संभावना को लेकर आशावाद और फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के नरम रुख पर दांव ने इस तेजी को सहारा दिया। इसके अलावा, शीर्ष कंपनियों की तीसरी तिमाही की मजबूत आय रिपोर्टों ने इस सप्ताह ठोस नतीजों की उम्मीदों को और बढ़ाया, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बना।
आगे देखें तो मंगलवार के आर्थिक कैलेंडर में ECB का बैंक लेंडिंग सर्वे शामिल होगा। इसके बाद अगस्त का अमेरिकी हाउसिंग प्राइस इंडेक्स, अक्टूबर का कंज़्यूमर कॉन्फ़िडेंस और रिचमंड Fed मैन्युफ़ैक्चरिंग इंडेक्स जारी होंगे। हालांकि, मुख्य ध्यान बुधवार की फ़ेडरल रिज़र्व बैठक और गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप तथा चीन के नेता शी जिनपिंग के बीच होने वाले शिखर सम्मेलन पर रहेगा। इनसे बाज़ार की आगे की दिशा के बारे में ज़्यादा स्पष्ट संकेत मिल सकते हैं।
नतीजतन, अमेरिकी डॉलर, सोने और USDJPY पर और गिरावट का दबाव पड़ सकता है। वहीं, शेयरों और ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूज़ीलैंड की मुद्राओं जैसी जोखिम वाली परिसंपत्तियों को अनुकूल माहौल से फ़ायदा मिलना जारी रह सकता है। क्रिप्टोकरेंसी में मिला-जुला कारोबार रहने की संभावना है, जबकि कच्चे तेल में थोड़ी गिरावट आ सकती है। इस वजह से मंगलवार की तुलना में बाज़ार में गतिविधि अधिक रह सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!