
मंगलवार की शुरुआत में जोखिम लेने की प्रवृत्ति को लेकर अनिश्चितता रही। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के साथ जापान के संभावित विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप की चिंताएं और आज जारी होने वाले अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से पहले की सतर्कता भी इसकी वजह बनी। बाज़ारों का ध्यान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की उस टैरिफ़ धमकी पर रहा, जो उन्होंने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों को दी थी। Federal Reserve (Fed) के अधिकारियों की सख़्त टिप्पणियों और जापान के कमज़ोर होते येन (JPY) को सहारा देने के लिए देश के दखल देने की बढ़ती चर्चाओं पर भी बाज़ारों की नज़र रही।
वैश्विक रेटिंग एजेंसी Fitch Ratings ने कहा कि Federal Reserve की स्वतंत्रता, अमेरिका की AA+ सॉवरेन रेटिंग को सहारा देने वाला एक अहम आधार बनी हुई है। Fitch ने चेताया कि Federal Reserve के चेयर Jerome Powell पर नए सिरे से बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच वह गवर्नेंस और संस्थागत नियंत्रणों पर करीबी नज़र रख रही है।
राष्ट्रपति Trump ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले किसी भी देश पर तत्काल 25% टैरिफ़ लगाने की घोषणा की, लेकिन इसे लागू करने का ब्योरा नहीं दिया। इसके बाद बाज़ार वैश्विक व्यापार पर इसके असर को लेकर अटकलें लगाने लगे, खासकर चीन के मामले में, जो ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है। बाज़ार में चल रही चर्चाओं के मुताबिक, इस नीति को नरम किया जा सकता है या वापस लिया जा सकता है, विशेषकर चीन के मामले में।
अमेरिका ने महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति सुरक्षित करने के प्रयास भी तेज़ किए। अमेरिकी ट्रेज़री सचिव Scott Bessent ने वॉशिंगटन में उच्च-स्तरीय वित्त मंत्रिस्तरीय बैठक की मेज़बानी की, जिसका उद्देश्य रेयर अर्थ तत्वों जैसे अहम संसाधनों की सप्लाई चेन को मज़बूत और विविध बनाना था। इसमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूरोपीय संघ (EU), फ़्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, जापान, मेक्सिको, दक्षिण कोरिया और यूनाइटेड किंगडम के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अमेरिकी अधिकारियों और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया। इससे सप्लाई चेन के कुछ ही जगहों पर केंद्रित होने से जुड़े जोखिमों को लेकर चिंता का पता चलता है।
Axios के मुताबिक, ट्रेज़री सचिव Scott Bessent ने राष्ट्रपति Trump को निजी तौर पर आगाह किया कि Fed चेयर Jerome Powell की संघीय जांच से अस्थिरता पैदा हुई है और वित्तीय बाज़ारों में हलचल हो सकती है। Bessent ने जांच का विरोध नहीं किया, लेकिन चेताया कि इसकी टाइमिंग और राजनीतिक छवि से Federal Reserve की स्वतंत्रता पर बाज़ार का भरोसा कमज़ोर पड़ सकता है।
Federal Reserve के संदेश में कोई बदलाव नहीं आया। New York Fed के अध्यक्ष John Williams ने कहा कि मौद्रिक नीति लगभग तटस्थ स्तर पर है और मौजूदा हालात के लिहाज़ से सही स्थिति में है। महंगाई के 2027 तक 2% पर लौटने की उम्मीद है। उन्होंने संकेत दिया कि ब्याज दरों में और कटौती की कोई जल्दबाज़ी नहीं है। उन्होंने Fed की स्वतंत्रता का बचाव किया, मौजूदा दर ढांचे का समर्थन किया और दोहराया कि अमेरिकी डॉलर दुनिया की रिज़र्व करेंसी बना हुआ है।
FX बाज़ारों में जापानी येन की फिर से आई कमज़ोरी का दबदबा रहा। जापान की वित्त मंत्री Satsuki Katayama ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी ट्रेज़री सचिव Scott Bessent के सामने येन में एकतरफ़ा उतार-चढ़ाव को लेकर चिंता जताई, जिससे कुछ समय के लिए करेंसी को सहारा मिला।
इसी रुख को दोहराते हुए, जापान के सरकारी प्रवक्ता ने तेज़ और सट्टा-आधारित FX उतार-चढ़ाव को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर उतार-चढ़ाव बहुत ज़्यादा हुआ, तो अधिकारी उचित कदम उठाने के लिए तैयार हैं। कई अधिकारियों की सख़्त टिप्पणियों के बावजूद, बाज़ार ने इन्हें मौखिक हस्तक्षेप माना और कीमतों पर इनका तत्काल असर सीमित रहा।
UK में मांग के संकेतक और कमज़ोर हुए। Barclays के कार्ड डेटा के मुताबिक, दिसंबर में उपभोक्ता खर्च साल-दर-साल (y/y) 1.7% गिरा। COVID महामारी के दौरान फ़रवरी 2021 के बाद यह सबसे बड़ी गिरावट थी और नवंबर की 1.1% गिरावट से अधिक थी। ज़रूरी चीज़ों पर खर्च लगातार आठवें महीने घटा, जो घरेलू बजट पर जारी दबाव को दिखाता है। British Retail Consortium (BRC) के आंकड़ों से भी कमज़ोर रुझान सामने आए। कुल खुदरा बिक्री साल-दर-साल सिर्फ़ 1.2% बढ़ी, जो मई के बाद सबसे धीमी वृद्धि थी। वहीं, समान दुकानों की बिक्री केवल 1.0% बढ़ी, क्योंकि खरीदारों ने क्रिसमस के बाद मिलने वाली छूट के लिए खरीदारी टाल दी।
ऑस्ट्रेलिया में उपभोक्ता भरोसा और निराशावादी क्षेत्र में चला गया। Westpac–Melbourne Institute Consumer Sentiment Index जनवरी में 1.7% गिरकर 92.9 पर आ गया, जबकि इससे पहले यह 94.5 था। दिसंबर में इसमें 9% की तेज़ गिरावट आई थी। 2022–2024 के जीवन-यापन लागत संकट के निचले स्तरों से यह अब भी काफ़ी ऊपर है, लेकिन 100 से नीचे की रीडिंग दिखाती है कि निराशावादियों की संख्या अब भी आशावादियों से ज़्यादा है। ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें भी बढ़ रही हैं।
न्यूज़ीलैंड में बाज़ार का रुझान तेज़ी से बेहतर हुआ। New Zealand Institute of Economic Research (NZIER) के Quarterly Survey of Business Opinion (QSBO) के मुताबिक, कारोबारी भरोसा 2014 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। नियुक्तियों और निवेश की योजनाएं मज़बूत हुईं, गतिविधियां स्थिर हुईं और महंगाई का दबाव सीमित रहा। इससे उम्मीदों को बल मिला कि Reserve Bank of New Zealand (RBNZ) ने इस चक्र में ब्याज दरों में कटौती पूरी कर ली है। इसके चलते NZD/USD में मामूली बढ़त हुई।
ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिमों का असर वेनेज़ुएला से आपूर्ति बढ़ने की उम्मीदों से अधिक रहा, जिससे तेल की कीमतें चढ़ीं। कीमतें करीब सात हफ़्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। यह बढ़त पिछले हफ़्ते के मध्य में शुरू हुई थी और जारी रही। बाज़ार बढ़ते तनाव और प्रतिबंधों के दायरे में आने वाले तेल की आपूर्ति फिर से शुरू होने की संभावना के बीच संतुलन बना रहे हैं।
इन घटनाक्रमों के बीच, एक महीने के उच्च स्तर से नीचे आने के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) एक सीमित दायरे में रहा। नए रिकॉर्ड उच्च स्तर (ATH) पर पहुंचने के बाद सोने की कीमतों में ठहराव आया, जबकि चांदी को रिकॉर्ड स्तरों के करीब मामूली सहारा मिला। USDJPY एक साल के नए उच्च स्तर पर पहुंचा, जबकि EURUSD सोमवार को एक महीने के निचले स्तर से आई बढ़त गंवाने लगा। चार दिन की गिरावट का सिलसिला टूटने के बाद GBPUSD एक सीमित दायरे में रहा। ऑस्ट्रेलिया के कमज़ोर आंकड़ों के बाद AUDUSD ने पहले की बढ़त गंवा दी, जबकि न्यूज़ीलैंड के मज़बूत आंकड़ों से NZDUSD में मामूली बढ़त हुई। तेल की कीमतों में बढ़त टिक नहीं पाने के बावजूद USDCAD पर दबाव बना रहा। क्रिप्टोकरेंसी में मामूली बढ़त दर्ज हुई और Wall Street के सकारात्मक रुख के बाद एशिया-प्रशांत के शेयर बाज़ारों में मामूली तेज़ी आई।



जनवरी के लिए Eurozone Sentix Investor Sentiment में सुधार और अमेरिकी डॉलर के एक महीने के उच्च स्तर से नीचे आने से पिछले दिन EURUSD को बढ़त मिली। इससे इस पेयर की लगातार चार दिन की गिरावट थमी और यह एक महीने के निचले स्तर से उबरा। हालांकि, मंगलवार की शुरुआत में बाज़ारों में सतर्कता से यूरो पेयर की तेजी सीमित हो रही है।
इसी दौरान, GBPUSD, जिसे Cable भी कहा जाता है, ने UK के उपभोक्ता खर्च के मिले-जुले आंकड़ों को नज़रअंदाज़ किया और सप्ताह की शुरुआत में 200-दिवसीय Simple Moving Average (200-day SMA) से आई बढ़त को आगे बढ़ाया। इस उछाल से पेयर की लगातार चार दिन की गिरावट भी थम गई। फिर भी, अमेरिकी डॉलर का पिछले दिन की गिरावट को और गहरा न कर पाना पेयर की आगे की बढ़त पर लगाम लगा रहा है।
USDJPY (अमेरिकी डॉलर/जापानी येन) की लगातार छह दिन की बढ़त जारी है और यह जनवरी 2025 की शुरुआत के बाद के उच्चतम स्तर पर ट्रेड कर रहा है। बाज़ार जापान की ओर से कमज़ोर येन (JPY) को सहारा देने के लिए संभावित हस्तक्षेप पर नज़र रखे हुए हैं। इसके बावजूद, जापान के वित्त मंत्री और अन्य सरकारी अधिकारियों ने कार्रवाई के लिए तैयार होने के संकेत दिए हैं। वहीं, ट्रेडर्स अतिरिक्त प्रोत्साहन और स्पष्ट तकनीकी ब्रेकआउट की उम्मीद में येन की बिक्री जारी रखे हुए हैं।
इस बढ़त में जापान की प्रधानमंत्री (PM) ताकाइची की शासन को मज़बूत करने के लिए अचानक चुनाव कराने की इच्छा और अधिक मज़बूत राजकोषीय प्रोत्साहन को प्राथमिकता देने की उनकी सोच की अहम भूमिका रही है। बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) की ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर हाल की अनिश्चितता और फ़ेडरल रिज़र्व (Fed) को लेकर पहले की नरम रुख संबंधी चिंताओं से ध्यान हटने के कारण येन पर और दबाव पड़ा है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब बाज़ार आज जारी होने वाले अमेरिका के अहम महंगाई आँकड़े—कंज़्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI)—से पहले सतर्क हैं।
ऑस्ट्रेलिया के कमज़ोर कंज़्यूमर कॉन्फ़िडेंस और बाज़ार में सतर्क माहौल का दबाव AUDUSD पर है और इससे सोमवार की रिकवरी को चुनौती मिल रही है। इसके विपरीत, न्यूज़ीलैंड (NZ) के सकारात्मक सेंटीमेंट आँकड़ों और अमेरिकी डॉलर में नरमी के सहारे NZDUSD में मामूली बढ़त आई है।
इस बीच, USDCAD पर दबाव बना हुआ है और पाँच हफ़्ते के उच्च स्तर से पिछले दिन की गिरावट आगे बढ़ रही है। यह तब है जब कनाडा के प्रमुख निर्यात कच्चे तेल के लिए हाल की बढ़त बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।
सोने और WTI कच्चे तेल, दोनों की लगातार तीन दिन की बढ़त मामूली नुकसान के साथ थम गई। नया रिकॉर्ड उच्च स्तर छूने के बाद सोने में नरमी आई। इसके विपरीत, नया रिकॉर्ड स्तर बनाने के बाद चाँदी लगातार तीसरे दिन मज़बूत बनी हुई है। इसे बाज़ार की अनिश्चितता, हाल के तकनीकी ब्रेकआउट, संस्थागत मांग में स्थिरता और साल की शुरुआत से अब तक के मज़बूत प्रदर्शन का सहारा मिला है।
मिश्रित बाज़ार माहौल और अमेरिकी डॉलर की अनिश्चित दिशा के बीच Bitcoin (BTC) लगातार तीसरे दिन बढ़ा, जबकि Ethereum (ETH) पिछले सत्र के नुकसान से उबरा।
अमेरिकी शेयर बाज़ारों ने सोमवार, 12 जनवरी की ताज़ा राजनीतिक सुर्खियों को काफी हद तक नज़रअंदाज़ किया और रिकॉर्ड ऊँचाई पर बंद हुए। S&P 500 और Dow Jones Industrial Average (Dow), दोनों ने नए उच्च स्तर छुए। वहीं, FX ट्रेडर्स ने डॉलर पर दबाव डाला और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया।
टेक्नोलॉजी और कंज़्यूमर स्टेपल्स ने बढ़त की अगुवाई की। Nasdaq-100 में 20 जनवरी को शामिल होने से पहले Walmart के शेयरों में लगभग 3% की बढ़त आई। राष्ट्रपति Donald Trump के क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरों पर एक साल के लिए 10% की सीमा लगाने के प्रस्ताव के बाद वित्तीय शेयर पीछे रहे। इससे नियमन और मुनाफ़े को लेकर चिंताएँ बढ़ीं।
CNBC की रिपोर्ट के मुताबिक, Google ने Apple के साथ कई साल की साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत Google के Gemini का इस्तेमाल करके Siri जैसे आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) फ़ीचर उपलब्ध कराए जाएँगे। इसके बाद Google का बाज़ार मूल्य 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गया। Apple ने कहा कि यह टेक्नोलॉजी Apple Foundation Models के लिए सबसे मज़बूत आधार देती है।
अमेरिका में चौथी तिमाही के नतीजों का सीज़न इस हफ़्ते शुरू हो रहा है। मंगलवार को JPMorgan और Bank of New York Mellon के नतीजे आएँगे। इसके बाद बुधवार को Bank of America, Wells Fargo और Citigroup के नतीजे आएँगे। Morgan Stanley, Goldman Sachs और BlackRock के नतीजे बाद में जारी होंगे। नतीजों से पता चलेगा कि कंपनियों ने 2025 के आख़िरी महीनों में आई उथल-पुथल को कैसे संभाला। वहीं, नियामकीय चिंताओं के कारण वित्तीय कंपनियों को लेकर बाज़ार का रुख सतर्क बना हुआ है।
मंगलवार को अमेरिकी ADP रोज़गार में 4-सप्ताह का औसत बदलाव (ADP), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और आवास से जुड़े आँकड़े बाज़ार की स्पष्ट दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, वेनेज़ुएला, रूस और ग्रीनलैंड से जुड़ी सुर्खियाँ भी महत्वपूर्ण बनी रहेंगी।
Federal Open Market Committee (FOMC) को लेकर चिंताओं के बीच अमेरिकी डॉलर (USD), जिसे ग्रीनबैक भी कहा जाता है, में गिरावट आ रही है। इससे USD बेचने वालों की दिलचस्पी बढ़ सकती है और प्रमुख करेंसी के साथ-साथ सोने, चाँदी और इक्विटी को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, जारी भू-राजनीतिक जोखिमों के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे क्रिप्टोकरेंसी में बढ़त सीमित रह सकती है।
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