
शुक्रवार की शुरुआत में वैश्विक वित्तीय बाज़ारों में सतर्कता के साथ जोखिम से बचने का रुख रहा। ईरान और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े तनाव के बीच निवेशकों का ध्यान फरवरी के Core Personal Consumption Expenditures (Core PCE) Price Index पर रहा, जो Federal Reserve (Fed) का पसंदीदा महंगाई मापक है। हाल के मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और महंगाई की लगातार बनी चिंताओं से अमेरिकी डॉलर (USD) को समर्थन मिला, जिससे प्रमुख करेंसी, कमोडिटी और इक्विटी पर दबाव पड़ा। वहीं, बाज़ारों को अब ऊंचे तेल भाव वैश्विक आर्थिक वृद्धि के लिए संभावित जोखिम लगने लगे हैं।
एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र में ट्रेडिंग सुस्त रही, क्योंकि निवेशकों ने भू-राजनीतिक जोखिमों और ऊर्जा बाज़ार के घटनाक्रमों का आकलन किया।
तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, हालांकि अमेरिका द्वारा रूस से जुड़ा सामान्य लाइसेंस जारी करने के बाद कीमतों में आगे बढ़ने की रफ़्तार धीमी पड़ गई। इस लाइसेंस के तहत जहाज़ों पर पहले से लदे रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की अनुमति दी गई है। अमेरिकी वित्त मंत्री (Treasury Sec.) स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने वैश्विक सप्लाई बढ़ाने और ऊर्जा बाज़ारों को स्थिर करने के लिए देशों को समुद्र में फंसे रूसी कार्गो अस्थायी रूप से खरीदने की अनुमति दी है। यह लाइसेंस पहले से ट्रांज़िट में मौजूद कार्गो के लिए 30-दिन की प्रतिबंध छूट के रूप में काम करता है। इससे ट्रेडर्स और रिफ़ाइनर को सप्लाई में और रुकावट के बिना लेन-देन पूरा करने का समय मिलता है। इस कदम का मकसद ईरान संघर्ष और अहम शिपिंग मार्गों के आसपास तनाव से पैदा हुई अस्थिरता को काबू में रखना है।
क्षेत्रीय ऊर्जा से जुड़ी घटनाओं में, इस सप्ताहांत ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों की टोक्यो यात्रा के दौरान जापान और APAC के कई साझेदारों द्वारा अमेरिकी कंपनियों के साथ 30 अरब डॉलर से ज़्यादा के समझौतों की घोषणा किए जाने की उम्मीद है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया सप्लाई की कमी से निपटने के लिए अपने ईंधन भंडार का करीब 20% जारी करने की योजना बना रहा है। इसका असर ग्रामीण और क्षेत्रीय इलाकों में पहले से दिख रहा है।
अमेरिका के हालिया आर्थिक आंकड़ों से मिले संकेत मिले-जुले रहे, लेकिन कुल मिलाकर USD को समर्थन मिला। जनवरी में बिल्डिंग परमिट घटे, जबकि हाउसिंग स्टार्ट्स अनुमानित 1.348M की तुलना में बढ़कर 1.487M हो गए। शुरुआती बेरोज़गारी दावे 215K के अनुमान के मुकाबले 213K रहे। जनवरी में वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार घाटे में कमी आई और यह अनुमानित −66.6B की तुलना में −54.5B रहा। इन आंकड़ों और महंगाई की चिंताओं ने फ़ेडरल रिज़र्व के सख़्त रुख की उम्मीदों को मज़बूत किया और USD को नवंबर 2025 के अंत के बाद के सबसे मज़बूत स्तर तक पहुंचा दिया।
डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर फ़ेड से ब्याज दरों में कटौती की मांग की, हालांकि बाज़ारों को तुरंत राहत मिलने की संभावना कम दिखती है। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बाद, इस साल की शुरुआत में करीब 60 बेसिस पॉइंट (bps) रही नीतिगत दरों में कटौती की उम्मीद घटकर लगभग 22 bps रह गई है। इस बदलाव से U.S. Dollar Index (DXY) को समर्थन मिला और यह साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया।
दूसरी ओर, अमेरिका, यूरोपीय संघ (EU) और जापान महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े एक व्यापार समझौते को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसमें न्यूनतम मूल्य तय करने की व्यवस्था शामिल हो सकती है। विश्लेषकों का कहना है कि पहले लिए गए नीतिगत फ़ैसलों में ईरान की होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बाधा डालने की इच्छा को कम आंका गया था।
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान अब पहले जैसा नहीं रहा। वहीं, ख़बरों के मुताबिक इज़राइल जल्द ही लेबनान में ज़मीनी सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि उनकी होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने की योजना नहीं है, लेकिन उन्होंने इस जलमार्ग को सुरक्षित रखने के अपने अधिकार पर ज़ोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कई जहाज़ अब भी इससे गुज़र सकते हैं। ब्रिटेन के रक्षा सचिव ने चेतावनी दी कि ईरान इस इलाके में बारूदी सुरंगें बिछा सकता है। वहीं, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री (Energy Sec.) क्रिस राइट ने कहा कि ईरान से जुड़े अभियानों में महीनों के बजाय हफ़्ते लग सकते हैं। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं। वहीं, इज़राइली अधिकारियों का मानना है कि युद्ध के जारी दबाव के बावजूद ईरान की सत्ता जल्द गिरने की संभावना नहीं है।
गुरुवार के उत्तर अमेरिकी ट्रेडिंग सत्र में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी। इसकी वजह यह ख़बर थी कि ईरान ने रात में होर्मुज़ जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हमला किया। अमेरिका की प्रतिक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है और नौसैनिक सुरक्षा इस महीने के अंत से पहले मिलने की उम्मीद नहीं है। इससे संघर्ष लंबा खिंचने की आशंका बढ़ गई है।
ऊर्जा की बढ़ती कीमतों का शेयर बाज़ारों पर भारी दबाव पड़ा। सत्र के दौरान कच्चे तेल की कीमत करीब 8% उछलने के बाद अमेरिकी शेयरों में तेज़ गिरावट आई। इससे महंगाई, धीमी आर्थिक वृद्धि और उत्पादन लागत बढ़ने की चिंताएं बढ़ीं। ऊर्जा की ऊंची लागत से परिवहन और विनिर्माण खर्च बढ़ता है। इससे एयरलाइंस और ट्रैवल जैसे ईंधन की कीमतों के प्रति संवेदनशील उद्योगों पर भी दबाव पड़ता है।
करेंसी बाज़ार में U.S. Dollar Index (DXY) लगातार चौथे दिन मज़बूत हुआ और नवंबर 2025 के अंत के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। इसके चलते EURUSD और GBPUSD लगातार चौथे सत्र में नीचे आए। USDJPY कुछ समय के लिए 20 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा, फिर जापानी अधिकारियों द्वारा जापानी येन (JPY) को समर्थन देने के लिए हस्तक्षेप किए जाने की अटकलों के बीच नीचे आया। वहीं, AUDUSD और NZDUSD पर दबाव बना रहा, जबकि USDCAD लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुआ।
अन्य एसेट क्लास में, कच्चे तेल की हालिया तेज़ी थम गई, लेकिन इसमें गिरावट की रफ़्तार सीमित रही। शेयर बाज़ारों में गिरावट जारी रही, जबकि क्रिप्टोकरेंसी में अप्रत्याशित रूप से थोड़ी बढ़त आई। इस बीच, सोने और चांदी जैसी पारंपरिक सेफ़-हेवन धातुओं में मामूली गिरावट दर्ज हुई। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, इनके लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट के साथ बंद होने की संभावना है।



गुरुवार को जारी अमेरिका के मज़बूत आंकड़ों और जोखिम से बचने की बढ़ती प्रवृत्ति ने U.S. Dollar Index (DXY) को साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ने में मदद की। मज़बूत USD के साथ यूरोज़ोन और ब्रिटेन में बढ़ती आर्थिक चिंताओं ने EURUSD और GBPUSD पर दबाव डाला। नतीजतन, EURUSD नवंबर 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गया, जबकि शुक्रवार को दोनों प्रमुख करेंसी पेयर लगातार चौथे सत्र में नीचे आए।
इस बीच, USDJPY 20 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा, फिर जापानी नीति-निर्माताओं द्वारा जापानी येन (JPY) को संभालने के लिए बाज़ार में संभावित हस्तक्षेप के संकेत देने के बाद इसमें थोड़ी नरमी आई। फ़ेडरल रिज़र्व (Fed) के सख़्त रुख और JPY की पारंपरिक सेफ़-हेवन मांग से भी इस पेयर पर दबाव पड़ा।
दिन की शुरुआत में जापान के व्यापार मंत्री (Trade Min.) अकाज़ावा ने कहा कि अधिकारी तेल भंडार जारी करने के लिए जापान के हिस्से और समय को लेकर बातचीत जारी रखेंगे। यह रिहाई International Energy Agency (IEA) के समन्वय में होगी। इसी दौरान, जापानी सरकार और निजी क्षेत्र तेल की वैकल्पिक सप्लाई सुनिश्चित करने पर काम कर रहे हैं। कंपनियां अमेरिका, मध्य एशिया और दक्षिण अमेरिका से आयात के विकल्प तलाश रही हैं।
मज़बूत अमेरिकी डॉलर (USD) और बाज़ार में जोखिम से बचने की मौजूदा प्रवृत्ति से AUDUSD और NZDUSD पर दबाव पड़ रहा है। वहीं, मज़बूत USD और बाज़ार की सतर्कता के बीच USDCAD ऊपर बढ़ रहा है। आज बाद में कनाडा के मासिक रोज़गार आंकड़े जारी होने हैं। कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट भी USDCAD को समर्थन दे रही है, क्योंकि कच्चा तेल कनाडा का एक प्रमुख निर्यात उत्पाद है।
इस बीच, Reuters के एक सर्वे के मुताबिक, Reserve Bank of Australia (RBA) 17 मार्च को कैश रेट बढ़ाकर 4.10% और 2026 के अंत तक 4.35% कर सकता है। न्यूज़ीलैंड में मैन्युफ़ैक्चरिंग परचेज़िंग मैनेजर्स इंडेक्स (Manufacturing PMI) फरवरी में 55 पर स्थिर रहा। यह 2021 के बाद का सबसे मज़बूत विस्तार दर्ज करता है। दूसरी ओर, कनाडा के जनवरी के व्यापार संतुलन में 3.65B का घाटा रहा, जबकि अनुमान 0.9B का था।
बाज़ार का माहौल बिगड़ने और चीन की ओर से सोने की ज़ोरदार खरीदारी के बावजूद, सोने की कीमतें लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट की ओर बढ़ रही हैं। इसकी मुख्य वजह U.S. Dollar Index (DXY) की मज़बूती है, जो लगातार दूसरे सप्ताह बढ़त की ओर है। इसके अलावा, बाज़ार 2025 में सोने और चांदी की तेज़ रैली के बाद अब उनकी कीमतों को स्थिर कर रहे हैं। तकनीकी सुधार भी सोने की कीमतों में हालिया गिरावट की एक वजह है।
वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल ने शुक्रवार की शुरुआत में तीन दिन की बढ़त का सिलसिला तोड़ते हुए हल्की गिरावट दर्ज की। ट्रेडर्स को उम्मीद है कि रूस के तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों में 30 दिनों की ढील के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति में कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, ईरान में जारी संघर्ष और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वैश्विक तेल शिपमेंट पर बने जोखिमों के चलते खरीदार अब भी आशावादी हैं।
इस बीच, बिटकॉइन (BTC) और इथेरियम (ETH) लगातार पांचवें दिन बढ़त दर्ज कर रहे हैं। क्लैरिटी बिल को लेकर आशावाद और टेक्निकल ब्रेकआउट से इन्हें समर्थन मिला। इस दौरान क्रिप्टोकरेंसी ने मजबूत अमेरिकी डॉलर (USD) और व्यापक बाज़ारों में जारी जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को काफी हद तक नज़रअंदाज़ किया।
दूसरी ओर, एशिया-प्रशांत (APAC) के शेयरों में मामूली गिरावट के साथ कारोबार जारी है, जबकि अमेरिकी शेयर गुरुवार का सत्र गिरावट के साथ बंद हुए। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (DJIA) 46,677.85 पर बंद हुआ, जो 739.4 अंक या 1.56% नीचे था। स्टैंडर्ड एंड पूअर्स 500 इंडेक्स (S&P 500) 6,672.62 पर बंद हुआ, जो 103.18 अंक या 1.52% नीचे था। NASDAQ कंपोज़िट इंडेक्स 22,311.98 पर बंद हुआ, जो 404.16 अंक या 1.78% नीचे था। रसेल 2000 इंडेक्स 2,488.99 पर आ गया, जिसमें 53.91 अंक या 2.12% की गिरावट रही। यह स्मॉल-कैप शेयरों में अधिक बिकवाली को दर्शाता है।
ट्रेडर्स के लिए शुक्रवार व्यस्त रहने वाला है। इस दिन कई अहम आंकड़े जारी होंगे, जिनमें UK और U.S. GDP, कनाडा के रोज़गार के आंकड़े, U.S. Core Personal Consumption Expenditures (Core PCE) Price Index, Durable Goods Orders और University of Michigan (UoM) Consumer Sentiment Index शामिल हैं। बाज़ार में उतार-चढ़ाव ईरान संघर्ष से जुड़े अपडेट, ऊर्जा आपूर्ति के जोखिमों से निपटने की वैश्विक कोशिशों और प्रमुख केंद्रीय बैंक अधिकारियों के बयानों से भी प्रभावित हो सकता है।
गुरुवार को जारी हुए ज़्यादातर सकारात्मक U.S. आंकड़ों और महंगाई को लेकर बनी चिंताओं के चलते U.S. Dollar (USD) मज़बूत बना हुआ है। इससे प्रमुख करेंसीज़, Antipodean पेयर्स और इक्विटी पर दबाव पड़ रहा है। क्रिप्टोकरेंसी को उद्योग में बने आशावाद से फ़ायदा मिलना जारी रह सकता है, जबकि आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों के बीच कच्चा तेल मज़बूत बना रह सकता है। साथ ही, Core PCE Price Index, GDP और अन्य अहम संकेतकों के मज़बूत आंकड़े USD की तेज़ी को और सहारा दे सकते हैं। वहीं, आने वाले U.S. आंकड़ों से डॉलर की मज़बूती में कुछ समय के लिए कमी आई, तो सोना हालिया गिरावट से कुछ उबर सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!