
सोमवार की शुरुआत में बाज़ारों में सतर्क आशावाद दिख रहा है। इसके पीछे जर्मनी में कारोबार-समर्थक गठबंधन की उम्मीदें, यूक्रेन-रूस समझौते में प्रगति, और ट्रंप के टैरिफ व चीन के प्रोत्साहन पैकेज को लेकर कम होती चिंताएं हैं। इस माहौल में ट्रेडर कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंची अमेरिकी महंगाई की उम्मीदों और Fed अधिकारियों की सख्त टिप्पणियों को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं। सकारात्मक रुझान और मिले-जुले अमेरिकी आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) कम बना हुआ है, जिससे अन्य प्रमुख और कमोडिटी से जुड़ी मुद्राओं को बढ़त मिल रही है। हालांकि, कमोडिटी बाज़ार इस सप्ताह आने वाली अमेरिकी कोर PCE प्राइस इंडेक्स रिपोर्ट से पहले सतर्क हैं। यह महंगाई का वह माप है जिसे Fed सबसे अधिक महत्व देता है।
जर्मनी की CDU/CSU ने संघीय चुनावों में 28.7% वोट हासिल किए, जिससे उद्योग-अनुकूल रूढ़िवादी गठबंधन की उम्मीदें बढ़ीं। इससे यूरो (EUR) को लेकर आशावाद बढ़ा और जर्मन अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंकाएं पीछे छूट गईं। साथ ही, खासकर यूक्रेन के साथ अमेरिकी खनिज समझौते के बाद, यूक्रेन-रूस शांति वार्ता की संभावना को भी समर्थन मिला। ECB अधिकारियों जोस लुइस एस्क्रिवा और फ्रांस्वा विलेरॉय द गालो की नरम टिप्पणियों के बावजूद, इसी वजह से EURUSD एक महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
इसके अलावा, Reuters ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने EU पर टैरिफ घटाने का दबाव डाला, लेकिन उसे सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलीं। इससे चिंता बढ़ी कि टैरिफ लगाने की उनकी धमकियां शायद सिर्फ़ मोलभाव की रणनीति हों, जिससे बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। इससे EUR में बढ़त आई और अमेरिकी डॉलर पर दबाव पड़ा। हालांकि, अमेरिका के मिले-जुले PMI डेटा और University of Michigan के महंगाई की उम्मीदों के 30 साल के उच्च स्तर पर पहुंचने से एक महीने के उच्च स्तर पर EURUSD खरीदारों पर दबाव बढ़ा।
यूके के उम्मीद से कमज़ोर डेटा के बाद बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) की लगातार ब्याज दर कटौती की उम्मीदों पर अमेरिकी डॉलर की कमजोरी हावी है। इससे GBPUSD दिसंबर 2024 के मध्य के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
इस बीच, USDJPY दिसंबर 2024 की शुरुआत के बाद के अपने सबसे निचले स्तर तक गिरा, फिर थोड़ी रिकवरी के साथ लगातार तीन दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ा। बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) की लगातार ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों और ट्रंप के स्टील टैरिफ़ से बचने के लिए संभावित अमेरिका-जापान ट्रेड डील को लेकर चिंताओं से येन पेयर को सहारा मिला। Reuters ने एक अज्ञात स्रोत के हवाले से बताया कि BoJ को जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड में धीरे-धीरे हो रही बढ़ोतरी की बहुत चिंता नहीं है। यह रुख BoJ गवर्नर उएदा के सतर्क रुख से अलग है और इससे USD/JPY को कई हफ़्तों के निचले स्तर से उबरने में मदद मिली।
एंटिपोडियन करेंसी में हाल में मजबूती आई है। सतर्क आशावाद, ग्रामीण सुधारों के लिए चीन की 2025 की योजना और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने इन्हें सहारा दिया। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर के खरीदार अपने-अपने केंद्रीय बैंकों से आगे और दर कटौती की उम्मीद के चलते सतर्क बने हुए हैं। इसके अलावा, क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट से कनाडाई डॉलर पर दबाव पड़ रहा है, क्योंकि तेल कनाडा का सबसे बड़ा निर्यात है। कुल मिलाकर, इस सप्ताह के महंगाई के आंकड़ों से पहले AUDUSD, NZDUSD और USDCAD में ट्रेड करने वालों के पास स्पष्ट दिशा नहीं है। यह स्थिति थोड़े सकारात्मक जोखिम रुख और चीन से प्रोत्साहन की उम्मीदों के बावजूद बनी हुई है।



रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आने के बाद सोने की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। ट्रेडर चीन के प्रोत्साहन उपायों को लेकर और संकेतों तथा रूस और अमेरिका से आई खबरों के कारण बाजार में हालिया बदलाव की पुष्टि का इंतज़ार कर रहे हैं। फ़ेड से जुड़ी सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें और अमेरिका में महंगाई के मजबूत अनुमान भी सोने की तेजी को सीमित कर रहे हैं।
नवंबर 2024 की शुरुआत के बाद सबसे बड़ी दैनिक गिरावट के बाद क्रूड ऑयल दो महीने के निचले स्तर के आसपास उतार-चढ़ाव कर रहा है। इस बीच, रूसी तेल की बाजार में वापसी को लेकर आशावाद और दो साल के विराम के बाद इराक व कुर्दिस्तान से तेल निर्यात फिर शुरू होने की खबरों ने कीमतों पर दबाव डाला। हालांकि, बाजार की मिली-जुली धारणा ने बिकवाली करने वालों को चुनौती दी।
सोमवार की शुरुआत में Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD), दोनों में गिरावट आई। Bybit की $1.4 billion की हैक के बाद उद्योग की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के बीच क्रिप्टो व्हेल्स का ध्यान Litecoin की ओर जा रहा है। पिछले हफ़्ते, ट्रंप से प्रेरित आशावाद और कमज़ोर अमेरिकी डॉलर ने क्रिप्टो बेचने वालों को समर्थन दिया।
सप्ताह की शुरुआत में उतार-चढ़ाव के बाद, हल्के आर्थिक कैलेंडर के चलते सोमवार को ट्रेडिंग कुछ शांत रह सकती है। उस दिन सिर्फ़ जर्मनी के IFO सेंटीमेंट आंकड़े, जनवरी के यूरोज़ोन महंगाई के अंतिम आंकड़े और शिकागो फ़ेड नेशनल एक्टिविटी इंडेक्स जारी होने हैं। हालांकि, जर्मन राजनीति, रूस-यूक्रेन समझौते और ट्रंप के टैरिफ से जुड़ी खबरें मोमेंटम ट्रेडर्स को व्यस्त रखेंगी। ध्यान देने वाले प्रमुख घटनाक्रमों में गुरुवार को अमेरिका के ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर और Q4 GDP शामिल हैं। इसके बाद शुक्रवार को अमेरिका का कोर PCE प्राइस इंडेक्स जारी होगा, जो फ़ेड का पसंदीदा महंगाई माप है।
फेड के सख्त रुख और बाज़ार की मौजूदा आशावादिता के बावजूद अमेरिकी डॉलर संघर्ष कर रहा है। इस हफ्ते के आंकड़े आने से पहले डॉलर में और गिरावट हो सकती है। निराशाजनक आंकड़े अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में तकनीकी गिरावट के संकेतों को और मजबूत कर सकते हैं, जिससे सोने, यूरो और JPY को फायदा हो सकता है। हालांकि, अपने-अपने कमजोर कारकों के चलते GBPUSD और ऑस्ट्रेलियाई तथा न्यूज़ीलैंड डॉलर पीछे रह सकते हैं।
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