
सप्ताह की शुरुआत अमेरिका में संभावित सरकारी शटडाउन की चिंताओं और US Federal Reserve (Fed) को लेकर अनिश्चितता के साथ हुई। हालांकि, अमेरिका के मज़बूत आँकड़ों और वॉल स्ट्रीट से मिले आशावादी संकेतों ने ट्रेडर्स को राहत दी। इसके बावजूद, क्रिप्टोकरेंसी और अमेरिकी डॉलर में गिरावट आई, जबकि सोना और शेयरों ने रिकॉर्ड ऊँचाई छुई। मंगलवार की शुरुआत में बाज़ार का रुझान अनिश्चित बना रहा। इसकी वजह जापान में छुट्टी और प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के प्रारंभिक Purchasing Managers' Indices (PMIs) तथा US Federal Reserve के चेयरमैन Jerome Powell के भाषण से पहले बरती जा रही सावधानी थी।
CNBC News के मुताबिक, अमेरिकी सीनेट ने संघीय सरकार को अस्थायी फंडिंग देने के लिए डेमोक्रेट और रिपब्लिकन, दोनों के प्रस्तावों को खारिज कर दिया। सांसदों के पास फंडिंग बिल पारित करने के लिए 30 सितंबर तक का समय है। इससे सरकारी शटडाउन का जोखिम बढ़ गया है और बाज़ारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति तेज़ हुई है।
पिछले हफ्ते की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में, अमेरिकी Federal Reserve के चेयरमैन Jerome Powell ने हाल ही में ब्याज दरों में की गई कटौती को “जोखिम प्रबंधन” का फैसला बताया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भविष्य की मौद्रिक नीति आंकड़ों पर निर्भर रहेगी। उन्होंने अमेरिकी रोजगार आंकड़ों में संशोधनों को भी कम महत्व दिया और कहा कि श्रम बाजार में बदलावों की बड़ी वजह इमिग्रेशन है, न कि रोजगार बाजार की कमजोरी।
अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के अधिकारियों बेथ एम. हैमैक और अल्बर्टो मुसालेम ने महंगाई के जोखिमों के कारण ब्याज दरों में और कटौती करने को लेकर अनिच्छा जताई। दोनों ने कहा कि अर्थव्यवस्था ठीक-ठाक प्रदर्शन कर रही है और इसमें सुधार भी हो सकता है। रिचमंड फेडरल रिज़र्व बैंक के अध्यक्ष थॉमस बार्किन ने अधिक तटस्थ रुख अपनाया और कारोबारियों के बढ़ते भरोसे को स्वीकार किया। वहीं, नए नियुक्त फेड गवर्नर स्टीफन मिरान निकट भविष्य में ब्याज दरों में 200 बेसिस पॉइंट (bps) की आक्रामक कटौती की वकालत करते रहे।
फ़ेड की बैठक के बाद जारी अमेरिकी आर्थिक आंकड़े भी उम्मीद से मज़बूत रहे। उदाहरण के लिए, शिकागो फ़ेडरल रिज़र्व नेशनल एक्टिविटी इंडेक्स संशोधित -0.29 से सुधरकर -0.12 पर पहुंचा, जो पांच महीने का उच्चतम स्तर है। इन आंकड़ों से फ़ेडरल रिज़र्व की ब्याज दरें और घटाने की क्षमता पर संदेह बढ़ा।
अमेरिका के मज़बूत आंकड़ों से सभी अवधि के ट्रेज़री बॉन्ड यील्ड मज़बूत बनी रहीं। इससे कई महीनों के निचले स्तरों से पलटाव के संकेत मिले, खासकर कम अवधि वाले बॉन्ड में।
Revalize के एक वैश्विक सर्वे से पता चला कि टैरिफ के दबाव, आर्थिक अनिश्चितता और अनुपालन लागत बढ़ने के कारण अधिक निर्माता अमेरिकी बाजार से बाहर निकल रहे हैं। JPMorgan Chase के चेयरमैन और CEO Jamie Dimon ने चेतावनी दी कि टैरिफ से महंगाई बढ़ सकती है, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ेगा। Citadel Securities के Scott Rubner ने आगाह किया कि साल का 39वाँ ट्रेडिंग सप्ताह आमतौर पर S&P 500 के लिए सबसे कमजोर सप्ताहों में से एक होता है, जिसमें अक्सर लगभग 1% की गिरावट देखी जाती है।
अमेरिका में टैक्स से होने वाली आय बढ़ने से राजकोषीय समर्थन मिल रहा है। लेकिन जर्मनी की आर्थिक वृद्धि कमज़ोर मांग और बाहरी टैरिफ़ जोखिमों के कारण सीमित बनी हुई है, जिससे EURUSD विनिमय दर पर दबाव पड़ रहा है।
इस बीच, जापान में पद छोड़ रहे प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के उत्तराधिकारी को लेकर नेतृत्व की दौड़ तेज़ हो गई है। दावेदार साने ताकाइची और शिंजिरो कोइज़ुमी ने राजकोषीय नीति पर अलग-अलग विचार रखे हैं। आक्रामक राजकोषीय और मौद्रिक प्रोत्साहन की समर्थक ताकाइची ने कहा कि बढ़ती जीवन-यापन लागत को कम करने के लिए अतिरिक्त कर राजस्व का इस्तेमाल होना चाहिए। वहीं, कोइज़ुमी ने राजकोषीय अनुशासन पर ज़ोर देते हुए कहा कि नए खर्चों के लिए अधिक राजस्व जुटाया जाना चाहिए और फ़िज़ूल खर्चों में कटौती की जानी चाहिए।
सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के शुरुआती PMI आंकड़े घटे। हालांकि, Reserve Bank of Australia (RBA) की गवर्नर मिशेल बुलॉक ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिख रहे हैं, जिससे ब्याज दरों में कटौती पर रोक लग सकती है। न्यूज़ीलैंड, Reserve Bank of New Zealand (RBNZ) के लिए अपनी पहली महिला गवर्नर नियुक्त करने जा रहा है। इसकी घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।
अगस्त में कनाडा का प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) महीने-दर-महीने 0.5% बढ़ा, जो 0.2% की बढ़ोतरी की उम्मीद से अधिक था। कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने घोषणा की कि कनाडा अब आधिकारिक तौर पर फ़िलिस्तीन राज्य को मान्यता देता है। इस घोषणा से अमेरिका के टैरिफ़ को चुनौती देने की तत्परता का संकेत मिला। हालांकि, इस घोषणा से बाज़ार में कोई बड़ी हलचल नहीं हुई।
क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार में कई सकारात्मक घटनाक्रमों के बावजूद, प्रमुख कॉइन्स में 2.0% से 20% तक की गिरावट आई।
इन उतार-चढ़ावों के बीच, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) की तीन दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया और यह हफ़्ते के उच्च स्तर से पीछे हटा। अमेरिकी डॉलर के कमज़ोर होने पर EURUSD करेंसी पेयर सात हफ़्तों की ट्रेंडलाइन सपोर्ट से उछला, लेकिन हाल में फिर नीचे आया। सोमवार को अन्य प्रमुख मुद्राओं में सुधार हुआ, लेकिन उनकी गति कमज़ोर बनी रही। सोना अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, क्रूड ऑयल लगातार चौथे दिन गिरा और सप्ताह की धीमी शुरुआत के बावजूद अमेरिकी शेयरों में बढ़त जारी रही। Dow Jones 30, S&P 500 और Nasdaq 100—तीनों रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे।
अमेरिकी डॉलर की व्यापक कमजोरी के चलते EURUSD एक अहम सपोर्ट स्तर से उछला, लेकिन हाल में इसकी चाल थमी हुई है। इस पेयर की गिरावट का संबंध यूरोज़ोन में जारी भू-राजनीतिक और व्यापारिक तनावों से हो सकता है। आज के EU/US PMI आंकड़ों और फेडरल रिज़र्व के चेयर जेरोम पॉवेल के भाषण से पहले सतर्कता भी इसका कारण हो सकती है। गौर करने वाली बात है कि अमेरिका, रूस के यूक्रेन पर हमले रोकने के प्रयास में EU पर भारत और चीन जैसे रूसी तेल के खरीदारों पर और प्रतिबंध लगाने का दबाव डाल रहा है। हालांकि, EU ने अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है। उसका ध्यान दूसरे देशों पर प्रतिबंध बढ़ाने के बजाय रूस पर ही प्रतिबंध लगाने पर अधिक है।
बाज़ार में सुस्ती बनी रहने और ट्रेडर्स के अहम डेटा का इंतज़ार करने के बीच GBPUSD को पिछले दिन की रिकवरी बरकरार रखने में मुश्किल हो रही है।
इस बीच, USDJPY ने लगातार 2 दिनों की गिरावट पर विराम लगाया है, लेकिन जापान में छुट्टी और संभावित जापानी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों के मिले-जुले बयानों के कारण इसमें पूरी रिकवरी की रफ़्तार नहीं दिख रही।



कमज़ोर अमेरिकी डॉलर के कारण AUDUSD और NZDUSD में पिछले दिन मामूली बढ़त दर्ज हुई, लेकिन सतर्क बाज़ार रुझान, ऑस्ट्रेलिया के निराशाजनक आंकड़ों और Reserve Bank of New Zealand (RBNZ) के नेतृत्व में संभावित बदलाव की चिंताओं के बीच मंगलवार को ये जोड़े पीछे हट गए।
इस बीच, USDCAD लगातार दूसरे दिन गिरा। कच्चे तेल की गिरती कीमतों—जो कनाडा का प्रमुख निर्यात है—और कनाडा में व्यापार तथा राजनीतिक तनाव ने इस पर दबाव डाला।
सोने में लगातार तीसरे दिन बढ़त जारी रही और यह करीब $3,760 के नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों ने पारंपरिक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने का रुख किया। भारत, चीन और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की मज़बूत मांग ने भी इस कीमती धातु को सहारा दिया।
इस बीच, WTI क्रूड ऑयल पिछले दिन दो सप्ताह के निचले स्तर पर गिर गया और मंगलवार को भी दबाव में बना रहा। तेल की कीमतों में कमजोरी की वजह मांग को लेकर चिंताएं, वैश्विक तेल आपूर्ति में किसी बड़े व्यवधान का अभाव और उत्पादन बढ़ाने का OPEC+ का हालिया फैसला हो सकता है।
पिछले दिन क्रिप्टो बाज़ार में बिकवाली करने वालों का दबदबा रहा और प्रमुख कॉइन 2.0% से 20% तक गिर गए।
क्रिप्टो से जुड़ी खबरों में, चीन के चाइना सिक्योरिटीज़ रेगुलेटरी कमीशन (CSRC) ने हांगकांग की कुछ ब्रोकरेज कंपनियों को वास्तविक दुनिया की एसेट्स के टोकनाइज़ेशन पर रोक लगाने का निर्देश दिया। इसकी वजह बढ़ते डिजिटल एसेट बाज़ार में जोखिमों को लेकर चिंताएं थीं।
इसके अलावा, SkyBridge Capital के संस्थापक एंथनी स्कारामुची और Hivemind Capital Avalanche (AVAX) टोकन हासिल करने के लिए एक नए उपक्रम का समर्थन कर रहे हैं। AgriFORCE Growing Systems, जिसने कृषि-तकनीक से Bitcoin माइनिंग की ओर रुख किया है, AVAX टोकन हासिल करने के लिए $550 मिलियन जुटाने की योजना बना रही है। स्कारामुची सलाहकार बोर्ड के प्रमुख के रूप में इसमें शामिल होंगे।
इस बीच, सप्ताह की कमज़ोर शुरुआत के बावजूद, S&P 500 और Nasdaq समेत अमेरिकी शेयर बाज़ार के प्रमुख सूचकांकों ने पलटकर नए रिकॉर्ड उच्च स्तर बनाए। OpenAI में $100 billion के निवेश से Nvidia ने बाज़ार का रुझान बेहतर किया। शेयर बाज़ार आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी निवेश जारी रखे हुए है, हालांकि कुछ निवेशक सवाल उठा रहे हैं कि क्या इससे मिलने वाला रिटर्न इतने बड़े खर्च को सही ठहराएगा।
सितंबर के कई PMI आंकड़े और फ़ेड चेयर जेरोम पॉवेल का भाषण मंगलवार को बाज़ारों के लिए अहम दिन बना देंगे। इस बीच, सोने और इक्विटी में संभावित गिरावट की चिंताएं भी हैं।
अगर पॉवेल डेटा पर निर्भर अपने रुख की फिर से पुष्टि करते हैं और अमेरिकी PMI मज़बूती दिखाते हैं, तो अमेरिकी डॉलर में वापसी हो सकती है, जिससे EUR/USD पर नीचे की ओर दबाव पड़ेगा। इससे सोने की कीमतों में भी गिरावट आ सकती है और क्रिप्टोकरेंसी पर नीचे की ओर दबाव और बढ़ सकता है।
हालाँकि, टेक्नोलॉजी शेयर मज़बूत बने हुए हैं और अमेरिकी इक्विटी को सहारा दे सकते हैं। इसकी संभावना कम लगती है कि पॉवेल ब्याज दरों में आगे की कटौती को पूरी तरह खारिज करेंगे।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!