
मंगलवार को बाज़ार सतर्कता के साथ आशावादी बने रहे। अमेरिकी JOLTS जॉब ओपनिंग के मजबूत आंकड़ों, चिप बनाने वाली कंपनियों के बीच सकारात्मक रुझान और यूक्रेन के ड्रोन हमलों के जवाब में रूस की ओर से कोई जवाबी कार्रवाई न होने से समर्थन मिला, हालांकि लिबरेशन डे से जुड़ी चिंताएं बनी रहीं। अमेरिकी फैक्ट्री ऑर्डर उम्मीद से कमजोर रहने के बावजूद अमेरिकी डॉलर मजबूत बना रहा।
खबरों से अमेरिका और ईरान के बीच जल्द परमाणु समझौता होने की संभावना का भी संकेत मिला, हालांकि यूरेनियम संवर्धन अब भी चिंता का विषय है। लेकिन चीन पर संभावित जैव-आतंकी सामग्री की तस्करी के अमेरिकी आरोपों, ट्रंप के कार्यकाल के धातु टैरिफ़ को लेकर फिर बढ़ी आशंकाओं और व्यापारिक साझेदारों पर 4 जून तक प्रस्ताव जमा करने के दबाव से आशावाद को झटका लगा।
निवेशकों की नज़र आगामी अमेरिकी ADP रोज़गार आंकड़ों, ISM Services PMI और बैंक ऑफ़ कनाडा के नीतिगत फ़ैसले पर भी थी। अमेरिका-चीन के बीच जारी व्यापार वार्ता और अमेरिकी ख़र्च विधेयक को लेकर अनिश्चितता ने शुक्रवार की अहम अमेरिकी रोज़गार रिपोर्ट से पहले सतर्कता बढ़ा दी।
नतीजतन, एक हफ़्ते में अपनी सबसे बड़ी बढ़त के बाद U.S. Dollar Index (DXY) बुधवार की शुरुआत में स्थिर हुआ। सोने पर दबाव बना हुआ है, प्रमुख करेंसीज़ में गिरावट आई है और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर तथा क्रूड ऑयल जैसी ज़्यादा जोखिम वाली एसेट्स में पुलबैक देखा गया। Bitcoin को दिशा तय करने में मुश्किल हुई, जबकि Ethereum उछलकर संभला। इक्विटी बाज़ारों में वॉल स्ट्रीट की मामूली बढ़त के अनुरूप तेज़ी रही और बॉन्ड यील्ड बढ़ीं।
अहम आँकड़ों से पहले अमेरिकी डॉलर की मज़बूती, चीन और अमेरिका के साथ EU के व्यापारिक तनाव, ECB की सतर्क टिप्पणियाँ और EU की कमज़ोर महँगाई—ये सभी EURUSD पर दबाव डाल रहे हैं। नतीजतन, यह पेयर 6 सप्ताह के उच्च स्तर से आई गिरावट को बनाए हुए है।
इसी तरह, BoE के सतर्क रुख, ब्रिटेन के व्यापार समझौतों को लेकर घटती उम्मीदों और कमज़ोर आर्थिक आँकड़ों से GBPUSD पर दबाव है। नतीजतन, पाउंड लगातार दूसरे दिन गिरा और इसके आठ महीने पुराने बुलिश कप-एंड-हैंडल चार्ट पैटर्न की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।
एशिया में, जापान का कमजोर Services PMI, BoJ के बॉन्ड टेपरिंग को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका-जापान व्यापार संबंधी चिंताएं USDJPY को समर्थन दे रही हैं। अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त के बाद यह पेयर अब भी थोड़ी बढ़त पर बना हुआ है।
ऑस्ट्रेलिया के Q1 GDP और मई के S&P PMI आंकड़े उम्मीद से कमजोर आने के बाद AUDUSD पर दबाव बना हुआ है। चीन के साथ उसके मज़बूत संबंधों के कारण जारी अमेरिका-चीन तनाव के बीच इस जोड़ी पर असर पड़ा है। साथ ही, इसे जोखिम के रुझान का संकेतक भी माना जाता है। प्रमुख वैश्विक घटनाओं से पहले बाज़ार का सतर्क रुख, ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों की सतर्क टिप्पणियाँ और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का अभाव भी गिरावट का दबाव बढ़ा रहे हैं—ये सभी कारक AUDUSD की बिकवाली को बढ़ावा दे रहे हैं।
न्यूज़ीलैंड में आर्थिक कैलेंडर हल्का होने के बावजूद, NZDUSD पर दबाव बना हुआ है। यह अमेरिकी डॉलर की मज़बूती और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर की कमजोरी के अनुरूप चल रहा है।
तीन दिन की गिरावट के बाद USDCAD ने पिछले दिन की रिकवरी बनाए रखी है। कनाडा के प्रमुख निर्यात, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और आज बैंक ऑफ़ कनाडा की नीति घोषणा से पहले सतर्क रुख़ ने इसे समर्थन दिया है। हालांकि, BoC से ब्याज दरें अपरिवर्तित रखने की उम्मीद है।



अमेरिका के लंबे प्रतिबंधों के बाद अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते की बढ़ती संभावना और ईरान की ऊर्जा बाज़ारों में वापसी की उम्मीद से WTI कच्चे तेल पर दबाव पड़ा। मामूली गिरावट के साथ इसकी दो दिन की बढ़त का सिलसिला थम गया। अमेरिकी डॉलर की मज़बूती और अमेरिकी भंडार को लेकर चिंताओं ने भी दबाव बढ़ाया। एक निजी सर्वेक्षण में स्टॉक में उम्मीद से कम गिरावट दिखी थी।
महीने के उच्च स्तर से पीछे हटने के बाद सोना भी गिरा। मज़बूत अमेरिकी डॉलर, बाज़ार का मिला-जुला रुझान और चीन को लेकर चिंताएं—जो सोने का एक बड़ा खरीदार है—कीमतों पर दबाव डाल रही हैं। सतर्क आशावाद और महीने की शुरुआत में ट्रेडिंग पोज़िशन बनाने से सोने के खरीदारों की परीक्षा और बढ़ रही है।
शीर्ष क्रिप्टोकरेंसी में शामिल बिटकॉइन (BTCUSD) और एथेरियम (ETHUSD), दोनों में मंगलवार को गिरावट दर्ज हुई। हालांकि, एथेरियम ने फिर से ऊपर की ओर रफ़्तार पकड़ी, जबकि स्पॉट BTC ETF से फंड निकलने के कारण बिटकॉइन को संघर्ष करना पड़ा। क्रिप्टो में तेज़ी की उम्मीद रखने वाले ट्रेडरों, खासकर बिटकॉइन के समर्थकों के सामने ट्रंप से जुड़ी आशावादिता पर भारी निर्भरता और अमेरिकी SEC की ओर से उम्मीद के मुताबिक सकारात्मक खबर न आने जैसी चुनौतियां भी हैं।
सात बार ब्याज दरों में कटौती के बाद बैंक ऑफ़ कनाडा (BoC) से दूसरी बार दरें स्थिर रखने की उम्मीद है। हालांकि, नरम रुख के साथ दरों पर विराम, अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव और कनाडा के मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों की चिंताएं USDCAD को ऊपर ले जा सकती हैं।
इस बीच, US ADP Employment Change, ISM Services PMI और मई के अंतिम S&P Global PMI के आंकड़े हाल के मजबूत US JOLTS Job Openings और महंगाई के संकेतों के अनुरूप आ सकते हैं, जिससे US Dollar को समर्थन मिल सकता है। इससे प्रमुख करेंसी, ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर तथा कमोडिटी पर दबाव पड़ सकता है—बशर्ते व्यापार समझौते से जुड़ी खबरें और ईरान, यूक्रेन, चीन तथा गाज़ा के भू-राजनीतिक घटनाक्रम निराश न करें।
कुल मिलाकर, शुक्रवार की रोजगार रिपोर्ट और ट्रंप-शी की संभावित बैठक से पहले अमेरिकी डॉलर का सीमित दायरे में कारोबार निकट अवधि में बाजार की चाल को प्रभावित कर सकता है।
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